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2015 बेअदबी और गोलीकांड में आया बड़ा मोड़, पूर्व BJP अध्यक्ष विजय सांपला और इन बड़े अधिकारियों पर SIT का कसा शिकंजा

जालंधर: साल 2015 के बहुचर्चित बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड मामले में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। इस संवेदनशील मामले की गहनता से जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में आज पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला से पूछताछ की जाएगी। सांपला आज जालंधर के पीएपी (PAP) कॉम्प्लेक्स में एसआईटी के सामने पेश होने जा रहे हैं। उनके अलावा फरीदकोट के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर (DC) मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ को भी समन भेजकर तलब किया गया है।

तथ्यों की गहराई तक जाने के लिए विजय सांपला से होगी पूछताछ

इस पूरे मामले की बिखरी हुई कड़ियों को जोड़ने के मकसद से एसआईटी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला को नोटिस जारी किया था। उन्हें भेजे गए आधिकारिक समन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे इस पूरे घटनाक्रम के तथ्यों और परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ प्रतीत होते हैं। इसी आधार को पुख्ता करने के लिए एसआईटी ने उन्हें मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर पूछताछ करने और उनके बयान दर्ज कराने के लिए जालंधर स्थित पीएपी कॉम्प्लेक्स में बुलाया है। जांच टीम को उम्मीद है कि इस पूछताछ से कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

तत्कालीन फरीदकोट डीसी और पूर्व CM के ओएसडी भी रडार पर

विजय सांपला के अलावा कुछ अन्य बड़े नाम भी एसआईटी के रडार पर हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि गोलीकांड और बेअदबी की घटनाओं के दौरान प्रशासनिक स्तर पर अचानक लिए गए फैसलों को लेकर तत्कालीन फरीदकोट डीसी मालविंदर सिंह जग्गी से कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसके साथ ही, एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ओएसडी रहे आईएएस अधिकारी गगनदीप सिंह बराड़ को भी दोबारा समन जारी किया है। हालांकि, एसआईटी उनसे पहले भी कई बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन इस बार जांच टीम तत्कालीन अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के बीच हुए संवाद की बारीकियों को पूरी तरह से समझना चाहती है।

2015 के इन अहम मुकदमों पर टिकी है जांच की पूरी दिशा

एसआईटी की यह पूरी कवायद साल 2015 में थाना बाजाखाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के तहत की जा रही है। ये दोनों महत्वपूर्ण मुकदमे 14 अक्टूबर 2015 और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज किए गए थे। उस दौरान बेअदबी की लगातार हुई घटनाओं और उसके ठीक बाद बहबल कलां में हुए पुलिस गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया था। अब एसआईटी इन सभी प्रमुख लोगों से आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे मामले की सच्चाई को अदालत और जनता के सामने लाया जा सके।

Major twist in the 2015 sacrilege and firing incidents: SIT tightens the noose around former BJP President