मोहाली: मोहाली में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले एक युवक से कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 13.60 लाख रुपये ठग लिए गए। इतना ही नहीं, जालसाजों ने पीड़ित का असली पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए मोहाली के फेज-3ए स्थित ‘वीजा पैलेस’ कंपनी के मालिक अमरजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
फर्जी पीपीआर लेटर दिखाकर ऐंठे लाखों रुपये
पीड़ित दीपक जायसवाल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने कनाडा के वर्क वीजा के लिए मोहाली के सेक्टर-53 (फेज-3ए) स्थित कंसलटेंसी ‘वीजा पैलेस’ से संपर्क किया था। कंपनी के मालिक ने उन्हें सही तरीके से विदेश भेजने का पक्का भरोसा दिया और शुरुआत में ही 7 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को कनाडा एंबेसी का एक जाली ‘पासपोर्ट रिक्वेस्ट’ (PPR) लेटर दिखाया। इस फर्जी लेटर के झांसे में आकर दीपक ने 3 लाख रुपये और दे दिए, जिससे ठगी की कुल रकम 10 लाख रुपये हो गई।
सुपर प्रायोरिटी वीजा के नाम पर भी लूटा, पुलिस कर रही जांच
ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। आरोपियों ने दीपक का चंडीगढ़ वीएफएस (VFS) ऑफिस में बायोमेट्रिक्स करवाया और वीजा स्टैम्पिंग का बहाना बनाकर उनका असली पासपोर्ट भी जमा करवा लिया। चार दिन बाद जालसाजों ने ‘सुपर प्रायोरिटी वीजा’ के जरिए महज एक हफ्ते में वीजा दिलाने का दावा किया और 3.60 लाख रुपये और ऐंठ लिए। एक महीना बीत जाने के बाद भी जब न तो वीजा मिला और न ही पासपोर्ट वापस किया गया, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 (2), 318 (4) आपराधिक विश्वासघात और इमिग्रेशन एक्ट 1983 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


A young man in Punjab was defrauded of ₹13.60 lakh under the pretext of a Canada work visa








