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उत्तराखंड में गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा, सेवादार को बनाया बंधक, रुद्रप्रयाग में इंटरनेट बंद; हालात बिगड़ने पर मोर्चे पर उतरी ITBP

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और चमोली में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। शनिवार देर शाम रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पंजाब से आए निहंगों ने अचानक कब्जा कर लिया और दो लोगों को बंधक बना लिया। हालांकि, जब विवाद ज्यादा बढ़ने लगा तो उन्होंने एक व्यक्ति को रिहा कर दिया, लेकिन एक सेवादार अभी भी उनके कब्जे में है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

प्रशासन के छूटे पसीने, ITBP ने संभाला मोर्चा

जैसे ही इस बड़ी घटना की भनक पुलिस और प्रशासन को लगी, आला अधिकारी तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति लगातार बेकाबू होती देख प्रशासन को सेना से मदद मांगनी पड़ी। इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीम को मौके पर भेजा गया। ITBP के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए हालात को किसी तरह नियंत्रण में लिया है, लेकिन इलाके में खौफ और तनाव अब भी बरकरार है। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच निहंग अभी भी गुरुद्वारे में ही डेरा जमाए हुए हैं।

डीएम से बातचीत करने से इनकार, इंटरनेट सेवा ठप

नगरासू में किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और ITBP के जवान पहरा दे रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए आज सुबह खुद रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (डीएम) विशाल मिश्रा निहंगों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन निहंगों ने उनसे कोई भी बात करने से साफ इनकार कर दिया। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील इलाकों में 27 जून तक धारा 163 लागू कर दी है।

16 जून के कर्णप्रयाग विवाद से जुड़ी है पूरी घटना की तार

इस पूरे बवाल की जड़ 16 जून को चमोली के कर्णप्रयाग बाजार में हुई एक घटना को माना जा रहा है। उस दिन हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे सिख यात्रियों के 5-6 बाइकों वाले जत्थे की एक बाइक बाजार में खड़ी कार से टकरा गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच तीखी कहासुनी हुई जो देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गई। इस विवाद में धारदार हथियारों से हमले के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से तीन को कोर्ट में पेशी के बाद जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी पुलिस हिरासत में अस्पताल में भर्ती है।

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