नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से पूरी तरह नाता तोड़ने का सनसनीखेज ऐलान कर दिया है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी अब पूरी तरह से भ्रष्ट लोगों के हाथों में है, इसलिए वह इससे दूर होकर वापस जनता के बीच जा रहे हैं। सबसे बड़ी और चौंकाने वाली घोषणा करते हुए राघव ने कहा कि राज्यसभा के दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं और वे सभी आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अपना विलय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के साथ बिना रुके देश के लिए काम करेंगे। राघव ने स्पष्ट किया कि वे यहां अपना करियर बनाने नहीं आए थे, बल्कि अपना बना-बनाया करियर छोड़कर राजनीति में उतरे थे।
भटक गया है पार्टी का मूल उद्देश्य
पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने खुद को पार्टी की गतिविधियों से काफी पहले ही अलग कर लिया था। उनके सामने केवल दो ही विकल्प बचे थे- या तो वे राजनीति पूरी तरह छोड़ दें या फिर अपना एक अलग रास्ता चुनें। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि जिस आम आदमी पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 अहम साल दिए, वह आज अपने मूल उद्देश्य से पूरी तरह भटक चुकी है। यही वजह है कि आज देश का आम आदमी इस पार्टी से लगातार दूर होता जा रहा है।
ये दिग्गज सांसद जा रहे हैं बीजेपी के साथ
राघव चड्ढा के इस बड़े कदम में पार्टी के कई और प्रमुख चेहरे शामिल हैं। राघव के मुताबिक, उनके साथ विक्रमजीत सिंह साहनी, राजेंद्र गुप्ता, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल भी बीजेपी के पाले में जा रहे हैं। बता दें कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल दस सांसद हैं, जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, संजय सिंह, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, बलबीर सिंह सीचेवाल, स्वाति मालीवाल, एन.डी. गुप्ता और संजीव अरोड़ा के नाम शामिल हैं। अब इनमें से दो-तिहाई सांसदों ने एकमुश्त पार्टी से किनारा कर लिया है।
कभी नहीं सोचा था कि आएगी ऐसी नौबत: संदीप पाठक
इस भारी उलटफेर पर आप सांसद संदीप पाठक ने भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि राज्यसभा में पार्टी के कुल दस सांसदों में से दो-तिहाई उनके साथ हैं और इन सभी ने राज्यसभा सभापति को अपने हस्ताक्षरों वाला पत्र भी सौंप दिया है। पाठक ने निराशा जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। वे पिछले दस सालों से पार्टी के साथ जुड़े थे लेकिन आज भारी मन से अपने रास्ते अलग कर रहे हैं।
ईमानदारी से देश के लिए करना चाहते हैं काम
आईआईटी प्रोफेसर रहे संदीप पाठक ने कहा कि उनका एकमात्र मकसद देश के लिए कुछ अच्छा करना था और इसी ईमानदारी की उम्मीद में उन्होंने आम आदमी पार्टी को चुना था। उन्होंने कहा कि हमने हमेशा पार्टी को आगे रखा, लेकिन अब हमारा रास्ता अलग है। जिन लोगों ने आम आदमी पार्टी में उनके साथ काम किया और देशभर के जो वॉलंटियर्स हैं, उन सभी का पाठक ने धन्यवाद किया।
संजय सिंह का पलटवार, बताया ‘ऑपरेशन लोटस’ और घटिया राजनीति
इस बड़ी टूट के बाद आम आदमी पार्टी के खेमे में हड़कंप मच गया है। पार्टी सांसद संजय सिंह ने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे भारतीय जनता पार्टी का ‘ऑपरेशन लोटस’ और घटिया राजनीति का खेल करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों को तोड़कर बेहद निचले स्तर की राजनीति की है, जिसे पंजाब के लोग कभी नहीं भूलेंगे और न ही इन लोगों को कभी माफ करेंगे। संजय सिंह ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें क्या कुछ नहीं दिया, पहले विधायक और फिर सांसद बनाया, पंजाब की जनता ने उन्हें इतना प्यार देकर राज्यसभा भेजा, लेकिन आज उन्होंने ऐसा कदम उठाया है।

The Biggest Rebellion in AAP’s History: 7 Rajya Sabha MPs, Including Raghav Chadha








