चंडीगढ़: पंजाब में आगामी जनगणना की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य प्रशासन द्वारा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी जनगणना कार्यों में लगाए जाने का कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सख्त रुख अपनाया है। सीईओ ने स्पष्ट कर दिया है कि बीएलओ किसी भी सूरत में जनगणना का काम नहीं करेंगे। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों (डीसी) को सख्त हिदायत जारी कर दी गई है कि जिन भी बीएलओ को जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें तुरंत इस ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
दोहरी जिम्मेदारी निभाना संभव नहीं, चुनाव आयोग ने दिया यह तर्क
इस फैसले के पीछे सीईओ ने एक अहम तर्क पेश किया है। चुनाव आयोग का कहना है कि पंजाब में जल्द ही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और वर्तमान में सभी बीएलओ उससे पहले की जरूरी तैयारियों में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बीएलओ के लिए एक ही समय में मतदाता सूची का काम और जनगणना जैसी दोहरी जिम्मेदारी निभाना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। सीईओ के इन सख्त निर्देशों के बाद जिला अधिकारियों ने हरकत में आते हुए संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं कि बीएलओ को जनगणना ड्यूटी से दूर रखा जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यदि किसी बीएलओ की ड्यूटी लग चुकी है, तो उसे तुरंत रिलीव कर उसकी जगह किसी दूसरे विभाग के कर्मचारी को तैनात किया जाए।
वोटर लिस्ट मैपिंग में युद्धस्तर पर जुटे हैं बीएलओ, कुछ जिलों में काम धीमा
आपको बता दें कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रदेश भर की मतदाता सूचियों की तमाम गलतियों को दुरुस्त करने के लिए मैपिंग का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। पंजाब में अब तक औसतन 80 प्रतिशत मैपिंग का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन एसआईआर शुरू होने से पहले इसे हर हाल में 100 फीसदी पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। चिंता की बात यह है कि राज्य के कई जिले ऐसे हैं जहां मैपिंग का काम अभी 70 फीसदी के आंकड़े को भी नहीं छू सका है। चुनाव कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, लुधियाना जैसे बड़े जिले में मैपिंग अभी महज 60 से 65 प्रतिशत ही हो पाई है। ऐसे में पूरे राज्य के बीएलओ फिलहाल अपना पूरा ध्यान इसी मैपिंग प्रक्रिया को खत्म करने पर केंद्रित कर रहे हैं, जिसके चलते उनका जनगणना जैसे बड़े अभियान का हिस्सा बन पाना मुमकिन नहीं है।

Major Decision by Punjab Election Commission: Strict Directives Issued to All DCs








