जालंधर: जालंधर के भार्गव कैंप स्थित टाहली वाले चौक पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब शिवसेना की एक महिला नेता और स्थानीय निवासी ‘लक्खो’ के बीच का पुराना विवाद सड़क पर आ गया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगा दी। मामला इतना बढ़ा कि मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को पहुंचकर बीच-बचाव करना पड़ा। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर देह व्यापार, नशा तस्करी और ब्लैकमेलिंग जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।
शिवसेना महिला विंग की चेयरमैन ने लक्खो के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क पर जोरदार प्रदर्शन किया। नेत्री का आरोप है कि लक्खो पुरानी रंजिश के चलते उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहा है और उन पर देह व्यापार में शामिल होने के बेबुनियाद आरोप लगा रहा है। महिला नेता ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि आरोपी के पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत है तो वह पेश करे, अन्यथा वह थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगी। उन्होंने विवाद की जड़ 2019 की एक घटना को बताया, जब उनके भाई पर तेजधार हथियारों से हमला हुआ था और तभी से आरोपी पक्ष उनसे रंजिश रख रहा है। उन्होंने लक्खो पर नशा तस्करी में शामिल होने का भी आरोप जड़ा।
वहीं दूसरी ओर, आरोपी लक्खो ने महिला नेता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। उसने एक पत्र सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि उक्त महिला ब्लैकमेलर है। उसका आरोप है कि वह पहले भी लोगों पर छेड़छाड़ के फर्जी मामले दर्ज करवा चुकी है और बाद में मोटी रकम लेकर समझौता कर लेती है। लक्खो ने प्रशासन से मांग की है कि महिला की आय के स्रोतों और उसकी महंगी गाड़ियों की जांच की जाए कि आखिर उसके पास यह संपत्ति कहां से आई। लक्खो और उसके परिवार ने महिला को कानूनी नोटिस भेजने की बात कही है। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है।

High-voltage drama in Jalandhar: A Shiv Sena leader and a young man clashed in the middle of the road




