जालंधर: जालंधर में अवैध तरीके से युवाओं को अमेरिका भेजने वाले ‘डंकी रूट’ और मानव तस्करी रैकेट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। ईडी की जालंधर जोन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए इस काले कारोबार में लिप्त तीन एजेंटों की कुल 5.41 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। जांच एजेंसी की यह गाज शुभम शर्मा, जगजीत सिंह और सुरमुख सिंह पर गिरी है, जो हरियाणा के निवासी बताए जा रहे हैं।
ईडी की जांच में सामने आया है कि ये तीनों आरोपी एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा थे। वे विदेश जाने की चाहत रखने वाले युवाओं को कानूनी इमिग्रेशन और सुरक्षित भविष्य का सपना दिखाते थे, लेकिन असल में उनसे मोटी रकम वसूलने के बाद उन्हें गैर-कानूनी और जोखिम भरे ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका भेज देते थे। इस अवैध धंधे से जमा की गई कमाई पर चोट करते हुए ईडी ने आरोपियों की कृषि भूमि, आलीशान मकानों और व्यावसायिक इमारतों को जब्त कर लिया है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है, क्योंकि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन के बराबर मानी जा रही हैं।
इस पूरे मामले की गंभीरता तब बढ़ी जब फरवरी 2025 में अमेरिकी सरकार ने वहां अवैध रूप से घुसे 330 भारतीय नागरिकों को पकड़कर वापस भारत डिपोर्ट कर दिया। इन लोगों की वतन वापसी के बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस ने संबंधित एजेंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थीं। इन्हीं मुकदमों के आधार पर ईडी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और पाया कि आरोपी एजेंट न केवल युवाओं को फंसाते थे, बल्कि अलग-अलग देशों के लिए हवाई टिकट और विजिटर वीजा का इंतजाम करके उन्हें नेटवर्क के अन्य दलालों के हवाले कर देते थे। ईडी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अभी इस नेटवर्क की और भी परतें खुलनी बाकी हैं और आने वाले दिनों में कुछ अन्य गिरफ्तारियां और संपत्ति जब्तियां भी हो सकती हैं।

The Enforcement Directorate (ED) takes major action against a ‘donkey route’ racket in Jalandhar, seizing assets worth 5.41 crore




