जालंधर: जालंधर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के करीब 10 प्रमुख स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। दोपहर 1 बजे डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर (सीपी) धनप्रीत कौर ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की विस्तृत जानकारी दी और शहरवासियों को आश्वस्त किया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि शुरुआती जांच में ये धमकियां फर्जी पाई गई हैं।
डीसी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि शहर के अलग-अलग स्कूलों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने तुरंत पुलिस कमिश्नर से संपर्क किया और एहतियात के तौर पर सभी संबंधित स्कूलों को बंद करवाकर वहां सघन तलाशी अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पुलिस टीमों ने तुरंत स्कूलों को अपने घेरे में ले लिया और सर्च ऑपरेशन चलाया। राहत की बात यह रही कि तलाशी के दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने जांच के अहम पहलुओं का खुलासा करते हुए बताया कि ये धमकियां एक ही स्रोत से नहीं आई हैं। जांच में सामने आया है कि 10 स्कूलों को अलग-अलग समय पर ईमेल भेजे गए और इसके लिए अलग-अलग ईमेल एड्रेस (ID) का इस्तेमाल किया गया है। सीपी ने कहा कि प्रथम दृष्टया ये सभी ईमेल पूरी तरह से ‘फेक’ (फर्जी) लग रहे हैं, जिसका मकसद सिर्फ दहशत फैलाना था। इसके बावजूद पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती, इसलिए साइबर क्राइम की टीम ईमेल के सोर्स और आईपी एड्रेस को ट्रेस करने में जुट गई है। उन्होंने बताया कि देर शाम तक सभी स्कूलों की सुरक्षा जांच और छानबीन पूरी कर ली जाएगी। जिन स्कूलों को धमकी नहीं मिली है, वहां भी प्रबंधन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Ten schools in Jalandhar received bomb threats from different IDs; the Deputy Commissioner and Commissioner of Police made major revelations




