जालंधर: जालंधर में चर्च विवाद को लेकर पिछले दो दिनों से चल रहा तनाव अब खत्म हो गया है। पुलिस द्वारा आरोपी तेजस्वी मिन्हास को गिरफ्तार किए जाने के बाद मसीही समाज ने आज अपना ‘बंद’ वापस ले लिया है। पास्टर अंकुर नरूला का पुतला फूंकने की घटना से नाराज समुदाय ने पीएपी चौक पर जाम लगाने की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद डिप्टी विश्व धार्मिक विंग के प्रधान गौरव ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनकी मांग मान ली है, इसलिए अब यह लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ी जाएगी।
इस पूरे विवाद की जड़ में विदेश भेजने के नाम पर हुई 37 लाख रुपए की ठगी है। दरअसल, कुछ दिन पहले समाज सेवी भाना सिद्धू और तेजस्वी मिन्हास ने एक महिला के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चर्च से जुड़े फ्रांसिस नामक व्यक्ति पर फर्जी वीजा देकर ठगी का आरोप लगाया था। हालांकि, फ्रांसिस, पास्टर अंकुर नरूला समेत अन्य पास्टरों ने इन आरोपों का खंडन किया है। फ्रांसिस ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला पूजा कुमारी खुद एक एजेंट है और पैसे मोगा के किसी एजेंट के खाते में गए हैं। पास्टरों ने इस संबंध में डीजीपी पंजाब को शिकायत भी दी थी। इसी रस्साकशी के बीच पुतला फूंकने की घटना ने मामले को तूल दे दिया था।

A major confrontation was averted in Jalandhar as the Christian community withdrew its call for a city-wide shutdown today




