जालंधर: जालंधर के वेस्ट हल्के स्थित पारस एस्टेट में 13 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में प्रशासन और आयोग सख्त हो गए हैं। पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल और चाइल्ड कमिश्नर कंवरदीप सिंह ने आज पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उनसे दुख साझा किया। इस दौरान चेयरपर्सन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर ईमेल के जरिए जवाब तलब किया है और साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पुलिस की जांच पर हैरानी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब घर महज 4 मरले का था, तो पुलिस तलाशी के दौरान बच्ची का शव बरामद करने में नाकाम कैसे रही। उन्होंने कहा कि वह खुद पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर से मुलाकात करेंगी और मामले से जुड़े सभी सबूत मांगेंगी। आयोग को जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपी हरविंदर सिंह रिंपा का पिछला रिकॉर्ड भी आपराधिक रहा है, जिसकी अब गहनता से जांच की जाएगी। वहीं, लापरवाही बरतने वाले एएसआई मंगत राम के निलंबन पर भी उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर से चर्चा की जाएगी कि क्या सिर्फ सस्पेंड करना काफी है या उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए चाइल्ड कमिश्नर कंवरदीप सिंह ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इसे केवल पुलिस या सिस्टम का ही नहीं, बल्कि पूरी ‘सोसायटी का फेलियर’ करार दिया। उन्होंने कहा कि हमारे समाज को आगे बढ़ना चाहिए था, लेकिन ऐसी घटनाएं बता रही हैं कि हम पीछे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है और इस अपराध के लिए उसे फांसी या उम्रकैद की सजा हो सकती है। पुलिस ने आरोपी का 9 दिन का रिमांड लिया है ताकि मामले की तह तक जाया जा सके।
पीड़ित परिवार ने मांग की है कि इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके। महिला आयोग और चाइल्ड कमिश्नर ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि वे आखिरी दम तक उनके साथ खड़े रहेंगे। फोरेंसिक टीम ने सभी सबूत इकट्ठे कर लिए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है। अंत में चाइल्ड कमिश्नर ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग जरूर दिलाएं। उन्होंने कहा कि यह घटना पड़ोस में ही घटी है, लेकिन अगर भविष्य में बच्चे के साथ बाहर कहीं ऐसा हो, तो वह अपना बचाव करने में सक्षम होना चाहिए।

Women’s Commission Chairperson and Child Commissioner reached the victim’s family’s home




