जालंधर: जालंधर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने आज अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निजीकरण की आहट से नाराज कर्मचारियों ने आज कामकाज ठप कर मॉडल टाउन स्थित मेयर विनीत धीर के घर के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों की इस हड़ताल और धरने के कारण शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन और आसपास के क्षेत्रों में आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निजीकरण का विरोध: ‘रोटी पर डाका नहीं सहेंगे’ कर्मचारी यूनियन के सदस्य सन्नी सहोता ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार आज सफाई व्यवस्था के लिए 143 करोड़ रुपये का टेंडर खोलने जा रही थी। यूनियन का आरोप है कि यह टेंडर सीधे तौर पर गरीब मुलाजिमों की रोजी-रोटी पर डाका है। सहोता ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने पीढ़ियों से शहर को साफ रखने का काम किया है, उन्हें हटाकर सरकार अब प्राइवेट कंपनियों को लाने की फिराक में है। ये निजी कंपनियां महज 10-10 हजार रुपये की कम सैलरी पर शोषण करेंगी और शहर में कूड़ा कलेक्शन (Door-to-door collection) का जिम्मा भी इन्हीं प्राइवेट हाथों में दे दिया जाएगा।
28 तारीख को आर-पार की लड़ाई का ऐलान यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि कल (मंगलवार) हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस है, जिसके सम्मान में आज केवल एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रखी गई है। हालांकि, कर्मचारियों के तेवर बेहद सख्त हैं। यूनियन ने 28 तारीख को पंजाब भर की सभी सफाई कर्मचारी यूनियनों को जालंधर नगर निगम में एक महा-बैठक के लिए बुलाया है। चेतावनी दी गई है कि अगर तब तक सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानीं और निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया, तो पूरे पंजाब में अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) का बिगुल फूंक दिया जाएगा।

‘Halla Bol’ outside Mayor Vineet Dhir’s house in protest against Rs 143 crore tender




