
जालंधर: तरनतारन में हो रहे उपचुनाव को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा देश के पूर्व गृह मंत्री (दिवंगत) बूटा सिंह के खिलाफ की गई कथित गलत शब्दावली का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बयान को लेकर कांग्रेस के भीतर ही घमासान मच गया है।
आज जालंधर प्रेस क्लब पहुंचे एडवोकेट गुरजीत सिंह काहलों ने राजा वडिंग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस लीगल, ह्यूमन राइट्स आरटीआई विभाग जालंधर के जिला प्रधान पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है।
एडवोकेट काहलों ने कहा कि राजा वडिंग ने यह बयान जानबूझकर दिया है, हालांकि वडिंग का कहना है कि वह किसी को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। काहलों ने आरोप लगाया कि “वडिंग के अंदर ‘मैं’ भरी हुई है” और उनके पंजाब प्रधान बनाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वडिंग द्वारा आए दिन विवादित बयान दिए जा रहे हैं, जिससे वह कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

एडवोकेट ने कांग्रेस के दलित नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे इस मामले पर राजा वडिंग के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर कोई अन्य नेता दलित भाईचारे के खिलाफ गलत टिप्पणी करता है तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर धरने लगाकर बैठ जाती है, लेकिन अब जब पार्टी के प्रधान द्वारा लगातार गलत टिप्पणियां की जा रही हैं, तो कांग्रेस के नेता चुप बैठे हुए हैं।”
काहलों ने दिल्ली कांग्रेस हाईकमान से राजा वडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें प्रधानगी से हटाने की मांग की है। उन्होंने वडिंग की गिरफ्तारी की भी मांग की।
एडवोकेट ने चेतावनी दी है कि वह जल्द ही किसान नेताओं और दलित भाईचारे के साथ मिलकर राजा वडिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर “दोफाड़” होने का आरोप लगाते हुए कहा कि लुधियाना उपचुनाव के बाद अब यहां भी कांग्रेस नेता पद की होड़ में लगे हुए हैं, जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है।
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Congress against Raja warring




