You are currently viewing पंजाब में बारिश से प्रदूषण घटा, पर 5 दिन में पराली जलाने के 1300 मामले; CM का जिला संगरूर अव्वल, अब बढ़ेगी ठंड

पंजाब में बारिश से प्रदूषण घटा, पर 5 दिन में पराली जलाने के 1300 मामले; CM का जिला संगरूर अव्वल, अब बढ़ेगी ठंड

चंडीगढ़: पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद मौसम ने राहत तो दी है, लेकिन किसानों की मनमानी जारी है। बीते दिनों हुई बारिश से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई है, मगर पराली जलाने की घटनाओं में खतरनाक तेजी देखी गई है। चिंता की बात यह है कि नवंबर के पहले पांच दिनों में ही पराली जलाने के तकरीबन 1300 नए मामले सामने आ गए हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में राज्य में ठंड तेजी से बढ़ेगी और तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है, जिससे अब मौसम शुष्क रहेगा। इसके चलते आने वाले तीन दिनों में रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, इसके बाद तापमान में अधिक बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

‘कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रो-इकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस’ (C-RAMMS) द्वारा जारी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 31 अक्टूबर (डेढ़ माह): राज्य में पराली जलाने के कुल 1642 मामले सामने आए। 1 नवंबर से 5 नवंबर (सिर्फ 5 दिन): राज्य में 1291 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़े दिखाते हैं कि नवंबर की शुरुआत होते ही पराली जलाने की घटनाएं कितनी तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि, 5 नवंबर को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के कारण इन घटनाओं में गिरावट दिखी और राज्य में केवल 94 मामले ही दर्ज किए गए।

बीते 5 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, पराली जलाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला संगरूर सबसे आगे रहा।

टॉप 10 प्रभावित जिले (1-5 नवंबर):

संगरूर: 245 मामले

तरनतारन: 135 मामले

फिरोजपुर: 130 मामले

बठिंडा: 109 मामले

मानसा: 87 मामले

मोगा: 87 मामले

मुक्तसर: 73 मामले

पटियाला: 71 मामले

लुधियाना: 58 मामले

अमृतसर: 57 मामले

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Jaspreet Singh (@akstudyvisa1)

Rains reduce pollution in Punjab