जालंधर: जालंधर में 13 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश और निर्मम हत्या के मामले में अब एक नया धार्मिक विवाद जुड़ गया है। शहर के खाम्बरा चर्च के चर्चित पास्टर अंकुर नरूला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस जघन्य अपराध के आरोपी हरमिंदर सिंह रिंपी को ईसा मसीह की शरण में आने की सलाह देते नजर आ रहे हैं। 14 दिसंबर के बताए जा रहे इस वीडियो में नरूला आरोपी को संबोधित करते हुए कहते हैं कि जब तुम्हारे अपने धर्म के लोगों ने तुमसे मुंह मोड़ लिया है और तुम्हें अपनाने से इनकार कर दिया है, तो तुम यीशु मसीह के पास आ जाओ, वहां तुम्हारे पाप माफ हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरोपी और पीड़ित बच्ची की तस्वीरें भी लगी हैं। वीडियो में पास्टर अंकुर नरूला कहते सुनाई दे रहे हैं कि “काश मुझे उस बंदे से बात करने का मौका मिलता, लेकिन वह मेरी चर्च का नहीं है। देख, आज तेरे पाप के कारण तेरे धर्म के लोग कह रहे हैं कि तू हमारे धर्म का नहीं है, उन्होंने तेरा साथ छोड़ दिया है। एक पापी की इस जगत में कोई हैसियत नहीं है, लेकिन यीशु मसीह तेरे पाप माफ करने के लिए ही क्रूस पर चढ़े हैं।” पास्टर आगे कहते हैं कि यह दुनिया तेरी नहीं है, अगर तेरी होती तो इस बुरे वक्त में तुझे इस तरह अकेला नहीं छोड़ती।
हालांकि, वीडियो में पास्टर ने कानूनी सजा और आध्यात्मिक माफी के बीच फर्क भी बताया है। उन्होंने आरोपी को संदेश देते हुए कहा कि यीशु के पास आने का मतलब यह नहीं है कि दुनिया का कानून तुम्हें माफ कर देगा। नरूला ने स्पष्ट किया, “मैं यह नहीं कहता कि तेरे पाप माफ हो गए तो तेरी सजा खत्म या कम हो जाएगी। कानून तुझे अपने हिसाब से देखेगा और दंड देगा, लेकिन मैं तुम्हें कहना चाहता हूं कि आजा यीशु मसीह के पास, ताकि कम से कम तेरे पाप तो माफ हों।” गौरतलब है कि आरोपी हरमिंदर सिंह रिंपी ने रेप में नाकाम होने पर बच्ची की हत्या कर दी थी और शव अपने बाथरूम में छिपा दिया था, जिसे कोर्ट ने अब ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।
वीडियो पर मचे बवाल के बाद पास्टर अंकुर नरूला ने अपनी सफाई भी पेश की है। उन्होंने कहा कि ईसाई धर्म माफी के सिद्धांत पर आधारित है और उन्होंने वीडियो में सिर्फ यही कहा है कि अगर वह पापी आदमी सच्चे मन से माफी मांग ले, तो प्रभु उसे माफ कर देंगे। मरने के बाद उसे शांति तभी मिलेगी जब वह प्रायश्चित कर लेगा। उन्होंने अपने अतीत का उदाहरण देते हुए कहा कि वे खुद पहले नशा करते थे और गलत कामों में लिप्त थे, लेकिन यीशु से माफी मांगने के बाद उनका जीवन बदल गया। इसके अलावा, धर्मांतरण और फंडिंग के सवालों पर नरूला ने कहा कि पंजाब में कोई जबरन धर्म परिवर्तन नहीं हो रहा है और उनकी चर्च को विदेश से मिलने वाली फंडिंग अब बंद हो चुकी है।

13-year-old girl received an offer from a pastor. Ankur Narula said, “Your religion has turned its back on you, come to the refuge of Jesus




