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संत श्री आसाराम जी बापू को आईटी एक्ट मामले में अदालत से मिली जमानत, थानाधिकारी ने फसाया था झूठे केस में : समर्थक

PLN(अमन बग्गा) झूठे केस में फंसे संत श्री आसाराम जी बापू क़ो जिन्हें 5 वर्ष में अभी तक एक बार भी जमानत नही मिली उन्हें आज आईटी एक्ट मामले में थोड़ी राहत मिली है। जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 1 से संत श्री आसाराम बापू को जमानत दी गई है।

बापू जी पर उदयमंदिर थाने के तत्कालीन थानाधिकारी हरजीराम ने 15 नवंबर 2014 को एफआईआर दर्ज करवाकर उन पर जान से मारने की धमकी देने को आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में संत श्री आसाराम बापू औऱ उन के समर्थकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 355, 384, 117, 189, 120 आईपीसी व 66 ए आईटी एक्ट में जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या तीन की अदालत में चालान पेश किया था। कोर्ट ने इसमें से 384 व 66 ए में पूर्व में उन्मोचित कर दिया था। हाईकोर्ट में अन्य धाराओं को चुनौती दी गई है, जिसमें हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया 353 व 355 को नहीं मानते हुए सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सुनवाई पर रोक होने के चलते जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 1 के समक्ष बापू जी की जमानत के लिए आवेदन पेश किया गया था। जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन की जमानत मंजूर कर ली है। लेकिन फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा।

वही उन के समर्थकों का कहना है कि उदयमंदिर थाने के तत्कालीन थानाधिकारी हरजीराम ने बापूू जी को झूठे केस में फंसाया था।

वही कुछ भक्तों ने बताया कि जालंधर के पूर्व ईसाई बिशप पर नन के साथ 13 बार बलात्कार करने के आरोपों में कई महीनों की जांच के बाद गिरफ्तार किया गया और मात्र 21 दिन बाद जमानत देकर जेल से रिहा कर दिया गया और 80 वर्षीय वृद्ध संत श्री आसाराम बापू जी के साथ आज भी अन्याय हो रहा है उन्हें आज तक जमानत देकर रिहा नही किया गया। 

उन का कहना है कि देश एक कानून दो क्यों। हिन्दू सन्तों को बेल क्यों नही दी जा रही। 

बापू जी के भक्तों का कहना है कि सत्य की अवश्य जीत होगी हमे पूर्ण विश्वास है।

 

 

Court granted bail to Saint Asaram Bapu in IT Act case