
नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के रिजल्ट में कथित गड़बड़ी के बाद मचे हंगामे और सीबीआई जांच की मांग के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने ग्रेस मार्क्स मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय कमिटी बनाई है। यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन की अगुवाई में यह कमिटी एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एनटीए के महानिदेशक सुबोध कुमार ने कहा कि स्टूडेंट्स को ग्रेस अंक देने से नतीजों या क्वालिफाइंग क्राइटेरिया में कोई फर्क नहीं पड़ा है। एनटीए ने पेपर लीक होने के आरोपों को भी खारिज कर दिया।
सुबोध कुमार ने कहा है कि नीट का रिजल्ट आने के बाद से जिस तरह की चीजें चल रही हैं उसको लेकर हम यही कहना चाहेंगे कि पेपर लीक नहीं हुआ था। हमारे अधिकारियों ने सभी चीजों का विश्लेषण करके निष्कर्ष निकाला है कि मुद्दा केवल इतना है कि पेपर सिर्फ 6 सेंटर पर पेपर देरी से बंटा था जिसकी वजह से 1600 स्टूडेंट प्रभावित हुए। सुबोध कुमार ने बताया कि हमने एक पैनल का गठन किया है जो इन 1600 स्टूडेंट के रिजल्ट की जांच करेगा और फिर दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा।
क्या है विवाद
4 जून को एग्जाम का रिजल्ट सामने आने के बाद सवाल उठने पर पेपर लीक के आरोप लगे और देश की सियासत गरमा गई। 5 मई 2024 को NEET-UG एग्जाम लिया गया था। NEET-UG एग्जाम देने वाली शिवांगी मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके पेपर दोबारा करवाने की मांग की है। शिवांगी ने एग्जाम में धांधली होने का आरोप लगाया है।
एग्जाम से पहले भी पेपर लीक होने के सवाल उठे थे, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। रिजल्ट आने के बाद सिर्फ 67 कैंडिडेट के टॉप करने पर सवार उठे। इन 67 टॉपर्स में से 8 टॉपर एक ही सेंटर पर एग्जाम देने वाले स्टूडेंट हैं। इन सभी ने 720 में से 720 नंबर लिए। इसलिए पेपर लीक होने का दावा करते हुए परीक्षा दोबारा कराने की मांग की गई।




Will the NEET result be released again or the exam will be held again? NTA took this big decision




