लुधियाना: लुधियाना में पुलिस की लापरवाही और सीमा विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। तीन दिन से लापता 9 साल के मासूम अमन का शव शनिवार शाम कासाबाद गांव के पास झाड़ियों में मिला। बच्चे की गला रेतकर बेरहमी से हत्या की गई है। दुखद पहलू यह है कि जब परिवार अपने जिगर के टुकड़े को ढूंढने के लिए पुलिस के पास गया, तो उन्हें एक नहीं, बल्कि चार थानों के चक्कर लगवाए गए। हर थानेदार ‘यह हमारा इलाका नहीं है’ कहकर पल्ला झाड़ता रहा और इधर कातिलों ने बच्चे को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस खेलती रही ‘एरिया-एरिया’, उजड़ गई गोद
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई का रहने वाला यह परिवार पिछले 15 सालों से लुधियाना में रह रहा है। बच्चे के पिता अखिलेश ने बताया कि उनका बेटा 5 फरवरी को घर के बाहर पतंग उड़ाते समय गायब हो गया था। वे सबसे पहले सलेम टाबरी थाने गए, लेकिन पुलिस ने टरका दिया कि यह उनका अधिकार क्षेत्र नहीं है। इसके बाद हताश परिवार बस्ती जोधेवाल, मेहरबान और लाडोवाल थाने भी गया, लेकिन हर जगह से उन्हें बेरहमी से लौटा दिया गया। विडंबना देखिए कि बच्चे का शव अंत में उसी सलेम टाबरी थाने के इलाके में मिला, जिसने सबसे पहले कार्रवाई करने से मना किया था।
घर से महज 50 मीटर दूर पड़ा था शव
बच्चे के मामा सूरज और पिता ने बताया कि अमन घर से महज 50 मीटर की दूरी पर पतंग उड़ा रहा था और उसका शव भी घर से इतनी ही दूरी पर झाड़ियों में मिला। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने पहले दिन ही सीमा विवाद में उलझने के बजाय संजीदगी दिखाई होती और तलाश शुरू कर दी होती, तो शायद अमन आज जिंदा होता। शनिवार को जब परिजनों ने हारकर धरना प्रदर्शन किया, तब जाकर पुलिस की नींद टूटी और वे मौके पर पहुंचे। बच्चे के दादा ने ही झाड़ियों में अपने पोते का शव देखा, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मां का रो-रोकर बुरा हाल: ‘सुनवाई होती तो बेटा न मरता’
बच्चे की मां अनीषा का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बिलखते हुए कहा कि वे तीन दिन तक पागलों की तरह थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। उनका कहना है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो उनका बेटा बच सकता था। पिता अखिलेश ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, फिर भी किसी ने उनके मासूम बच्चे का गला रेत दिया। दादी भी अपने पोते को याद कर बेसुध हो गई हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर अब सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

While the Punjab Police were busy playing ‘territory games’, a mother’s life was shattered




