मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित धर्मनगरी वृंदावन में शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बांके बिहारी के दर्शन और छुट्टियां बिताने आए पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना नदी में पलट गई। इस खौफनाक हादसे में 10 श्रद्धालुओं की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे का शिकार हुए सभी श्रद्धालु लुधियाना के रहने वाले थे। चीख-पुकार मचने के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
तेज हवा और जर्जर पीपा पुल बना काल
यह रूह कंपा देने वाली घटना शुक्रवार दोपहर करीब पौने तीन बजे केसी घाट के पास हुई, जो प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर से महज ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बताया जा रहा है कि नाव में करीब 30 श्रद्धालु सवार थे। अचानक तेज हवा चलने के कारण नाविक का नाव से नियंत्रण छूट गया और वह नदी में बने एक पीपा पुल से जा टकराई, जिससे नाव पानी में पलट गई। मथुरा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि केसी घाट के पास मौजूद यह पोंटून (पीपा) पुल काफी जर्जर हालत में था और एक एजेंसी इसकी मरम्मत का काम कर रही थी। आशंका है कि इसी मरम्मत कार्य और तेज हवा के तालमेल ने इस जानलेवा हादसे को जन्म दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 50 गोताखोरों की ली जा रही मदद
नाव पलटने के तुरंत बाद नदी में कोहराम मच गया। अब तक पुलिस और बचाव टीमों ने 22 लोगों को नदी से बाहर निकाला है, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए सभी लोगों को एंबुलेंस और पुलिस वाहनों (PRV) की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के मुताबिक, लापता लोगों की तलाश के लिए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस काम में करीब 50 स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों को खोजा जा सके।

Vrindavan Shaken by Screams of Distress: Boat Carrying Devotees from Ludhiana Capsizes








