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जालंधर में ऑन-कैमरा घूसखोरी, ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बेरिकेड हटाने के लिए सरेआम ली रिश्वत; ट्रक के कैमरे ने खोली पोल

जालंधर: जालंधर जिले में नूरमहल बाईपास पर ट्रैफिक नाके के दौरान खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी सरेआम एक ट्रक चालक से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गया। पुलिसवाला ट्रक चालक को रोककर अवैध वसूली कर रहा था, लेकिन वह इस बात से बिल्कुल अनजान था कि उसकी यह काली करतूत ट्रक के केबिन में लगे आधुनिक कैमरे में लाइव रिकॉर्ड हो रही है। इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आला अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं।

दस्तावेज मांगने के बहाने रोका, पैसे जेब में डालते ही हटा दिया बेरिकेड

इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नूरमहल बाईपास नाके पर तैनात उक्त पुलिसकर्मी ने एक आते हुए ट्रक को रुकने का इशारा किया। ट्रक रुकते ही पुलिसकर्मी चालक के पास पहुंचा और उससे वाहन के दस्तावेजों (कागजातों) की मांग करने लगा। इसी दौरान चेकिंग के नाम पर कथित तौर पर सौदेबाजी हुई और वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि ड्राइवर ने चुपके से कुछ नोट निकालकर पुलिसकर्मी के हाथ में थमा दिए। पैसे हाथ में आते ही पुलिसकर्मी के तेवर बदल गए; उसने बिना किसी गहन जांच के तुरंत रास्ते पर लगा बेरिकेड हटाया और ट्रक को आगे जाने का इशारा कर दिया।

ट्रक ड्राइवर ने सोशल मीडिया पर डाला वीडियो, एसएचओ बोले- जानकारी नहीं

शातिर पुलिसकर्मी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि ट्रक के भीतर लगा डैश-कैमरा उसकी हर हरकत को हूबहू रिकॉर्ड कर रहा है। ट्रक चालक ने नाका पार करने के बाद इस पूरी घटना की वीडियो क्लिप इंटरनेट पर अपलोड कर दी। वीडियो वायरल होते ही यह मामला पूरे जालंधर में चर्चा का विषय बन गया और लोग पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे। इस गंभीर मामले के संबंध में जब नूरमहल के एसएचओ (SHO) लाभ सिंह से संपर्क किया गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह पारंपरिक रुख अपनाते हुए कहा कि यह मामला अभी तक आधिकारिक रूप से उनके ध्यान में नहीं आया है।

डीएसपी का दावा- वीडियो की जांच करवाकर करेंगे विभागीय कार्रवाई

एसएचओ के बयान के विपरीत, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि ट्रैफिक नाकों पर तैनात कर्मचारियों की मुख्य जिम्मेदारी यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त होना। उन्होंने जालंधर वासियों को पूरा आश्वासन दिया है कि वायरल वीडियो की गहनता से तकनीकी जांच करवाई जा रही है। डीएसपी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जांच में आरोपी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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