जालंधर: जालंधर के मेहतपुर इलाके में बीती देर रात एक सनसनीखेज वारदात में अटेंप्ट टू मर्डर (हत्या के प्रयास) मामले का आरोपी पुलिस रेड के दौरान गोली लगने से मारा गया। इस पूरी घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई क्रॉस फायरिंग बता रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर सीधे तौर पर फर्जी एनकाउंटर करने और पीठ पीछे गोली मारकर हत्या करने का संगीन आरोप लगाया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी जांच में जुट गए हैं।
पुलिस का दावा: सरेंडर करने को कहा, लेकिन भीड़ की तरफ से हुई फायरिंग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मेहतपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास मामले का वांछित आरोपी लवप्रीत उर्फ लवी निवासी मेहतपुर अपने घर आया हुआ है। इस इनपुट के बाद मेहतपुर के एसएचओ अमन सैनी पुलिस टीम के साथ उसे गिरफ्तार करने गांव बंगीवाल पहुंचे। पुलिस का दावा है कि उन्होंने लवप्रीत को सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन तभी वहां भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके परिजनों ने बहसबाजी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान भीड़ की तरफ से पुलिस टीम पर गोली चलाई गई, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में दो राउंड क्रॉस फायरिंग की, जिसमें एक गोली लवप्रीत की टांग में लग गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
‘बाथरूम से निकलते ही पुलिस ने पीछे से किया एनकाउंटर’
दूसरी ओर, मृतक लवप्रीत के परिवार ने पुलिस के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए एनकाउंटर के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के चाचा छिंदा सिंह ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि जब मेहतपुर पुलिस लवप्रीत को पकड़ने आई, तो वह उस समय बाथरूम में था। जैसे ही वह बाथरूम से बाहर निकला, सिविल कपड़ों में आए एसएचओ के गनमैन ने बिना कोई मौका दिए उसके पीछे से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। परिजनों का आरोप है कि दो गोलियां लवप्रीत की जांघ के ऊपरी हिस्से में मारी गईं, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी जान चली गई। परिवार का साफ कहना है कि यह कोई क्रॉस फायरिंग नहीं बल्कि पुलिस द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत किया गया एनकाउंटर है।
वीडियो से खुलेगा राज? एसएसपी ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाई है, जो अब इस मामले में सबसे बड़ा सबूत बन सकती है। पुलिस और पीड़ित परिवार के अलग-अलग और विरोधाभासी दावों के बीच मामला बेहद पेचीदा हो गया है। जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम हर पहलू और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल युवक की मौत के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

Accused in Jalandhar murder case dies of gunshot wound; police face serious allegations of a staged encounter.








