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कनाडा में कार की नंबर प्लेट ‘BIS9E’ पर बवाल, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खौफ से एजेंसी ने दी हटाने की सलाह, भारतीय मूल की महिला से मारपीट

ब्रिटिश कोलंबिया: कनाडा में भारतीय मूल की महिला की निजी कार की नंबर प्लेट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ब्रिटिश कोलंबिया की सरकारी वाहन बीमा एजेंसी ‘आईसीबीसी’ (ICBC) ने भारतीय मूल की महिला मंजू बिश्नोई को अपनी कार की पर्सनलाइज्ड नंबर प्लेट ‘BIS9E’ को तुरंत बदलने या हटाने की सलाह दी है। यह पूरा विवाद कनाडा सरकार द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद उपजे तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच सामने आया है।

नंबर प्लेट देखकर लॉरेंस गैंग से जोड़ने का डर, आईसीबीसी ने जताई चिंता
सरकारी बीमा एजेंसी आईसीबीसी का मानना है कि नंबर प्लेट पर ‘BIS9E’ लिखा होने के कारण आम लोग और स्थानीय नागरिक मंजू को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़कर देख सकते हैं। एजेंसी ने आशंका जताई है कि वर्तमान संवेदनशील माहौल में ऐसी गलतफहमी के चलते महिला के खिलाफ नफरत, नस्लीय टिप्पणी या हिंसक वारदात हो सकती है। एजेंसी के अनुसार, यह कदम किसी समुदाय को आहत करने के लिए नहीं, बल्कि खुद वाहन मालिक की व्यक्तिगत सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

पारिवारिक उपनाम के तौर पर ली थी प्लेट, युवकों ने घेरकर की मारपीट
पीड़िता मंजू बिश्नोई का कहना है कि उन्होंने यह कस्टमाइज्ड नंबर प्लेट वर्ष 2023 में ली थी, जो उनके पारिवारिक उपनाम (सरनेम) और सामाजिक पहचान को दर्शाती है। उनका किसी भी आपराधिक सिंडिकेट या अवैध गतिविधि से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। मंजू ने आपबीती बताते हुए खुलासा किया कि हाल ही में इंडो-कनाडाई समुदाय के कुछ उपद्रवी युवकों ने उनकी कार को घेर लिया, नंबर प्लेट को लेकर तीखी बहस की और उनके साथ बदसलूकी व मारपीट तक की। मंजू का तर्क है कि बिश्नोई भारत का एक अत्यंत प्रतिष्ठित और प्रकृति-प्रेमी समुदाय है; महज उपनाम के आधार पर किसी निर्दोष नागरिक को आपराधिक गिरोह से जोड़ना सरासर गलत और अनुचित है।

पहचान छिपाने की बजाय सुरक्षा दे पुलिस, उपद्रवियों पर हो एक्शन
मंजू बिश्नोई ने सरकारी एजेंसी के दबाव में आकर नंबर प्लेट हटाने या अपनी पारिवारिक पहचान छिपाने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन उन हिंसक तत्वों और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे, जो सड़क पर नाम या नंबर प्लेट देखकर बेकसूर लोगों को निशाना बना रहे हैं। मंजू का कहना है कि भय के माहौल में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कनाडा सरकार और स्थानीय पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, न कि नागरिकों को अपनी पहचान मिटाने के लिए मजबूर करना।

बिश्नोई गैंग को आतंकी सूची में डालने के बाद बिगड़े हालात
गौरतलब है कि कनाडा सरकार ने 29 सितंबर 2025 को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया था। इस घोषणा के बाद से ही कनाडा में ‘बिश्नोई’ नाम या उससे जुड़ी कोई भी गतिविधि सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है और समाज में इसे लेकर भारी संवेदनशीलता बनी हुई है। मंजू बिश्नोई के इस मामले ने अब कनाडा में यह गंभीर कानूनी और सामाजिक बहस छेड़ दी है कि किसी प्रतिबंधित संगठन के नाम से मिलते-जुलते सामान्य उपनाम वाले आम नागरिकों की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत पहचान और सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे साधा जाए।

Uproar in Canada over car license plate ‘BIS9E’; agency advises removal due to fear of the Lawrence Bishnoi gang