चंडीगढ़: पंजाब में 3 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर दिया है। यूनियन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानीं, तो 3 अगस्त से 5 अगस्त तक लगातार तीन दिनों तक सरकारी बसों का पूरा चक्का जाम रहेगा और प्रदेश भर में विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, 27 जुलाई को होगी गेट रैली
यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल और अन्य कर्मचारी नेताओं ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। नेताओं का कहना है कि सरकार के साथ कई बार बातचीत होने और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कर्मचारियों की मुख्य मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसी रोष के चलते यूनियन ने फैसला लिया है कि तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने से पहले, 27 जुलाई को प्रदेश के सभी जिला डिपुओं के बाहर कर्मचारी विशाल गेट रैली करेंगे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
1100 मुख्य रूटों पर 2267 बसों के थमेंगे पहिए, 7.5 लाख किमी का सफर होगा प्रभावित
कर्मचारियों की इस हड़ताल से पंजाब के भीतर और अंतरराज्यीय यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। परिवहन विभाग (पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC) के पास वर्तमान में कुल 2,267 सरकारी बसें हैं, जो रोजाना 1,100 से अधिक मुख्य रूटों पर दौड़ती हैं। आंकड़ों के अनुसार, पनबस की बसें रोजाना 4 लाख किलोमीटर और पीआरटीसी की बसें करीब 3.5 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं। यानी हड़ताल के दौरान रोजाना 7.5 लाख किलोमीटर से अधिक की बस सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी।
27 डिपुओं के 7500 से अधिक कर्मचारी हड़ताल में होंगे शामिल
इस बड़े चक्का जाम में प्रदेश के सभी प्रमुख डिपुओं के कर्मचारी हिस्सा लेंगे। वर्तमान में पंजाब रोडवेज और पनबस के पास 18 मुख्य डिपो हैं, जबकि पीआरटीसी के पास 9 डिपो मौजूद हैं। इन 27 डिपुओं में काम करने वाले 7,500 से अधिक कर्मचारी (मुलाजिम) हड़ताल पर रहेंगे। मानसून सत्र के दौरान एक साथ इतने बड़े पैमाने पर बसों के पहिए थमने से न केवल आम जनता और रोजाना अप-डाउन करने वाले कर्मचारियों व छात्रों को परेशानी होगी, बल्कि राज्य के परिवहन नेटवर्क पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा।


Three-day ‘Chakka Jam’ (road blockade) in Punjab; bus strike announced during the monsoon session








