मानसा: एक तरफ घर में किसी अपने के जाने का गम और दूसरी तरफ अचानक करोड़पति या लखपति बनने की खबर जिंदगी के ये दो रंग मानसा के राजिंदर सोनी के परिवार ने एक ही दिन में देखे हैं। महज 50 रुपए के एक लॉटरी टिकट ने इस परिवार की किस्मत रातों-रात बदल दी है। जिस सफर की शुरुआत आंसुओं के साथ हुई थी, उसका अंत 15 लाख रुपए के बंपर इनाम की खुशी के साथ हुआ।
गम के माहौल में अचानक आई खुशी
राजिंदर सोनी मानसा में कूलर बनाने की एक छोटी सी फैक्ट्री चलाते हैं। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। शुक्रवार को राजिंदर अपने पूरे परिवार के साथ लुधियाना में अपने मौसा जी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। घर में मातम पसरा हुआ था और किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वापसी का यह सफर उनकी जिंदगी में इतनी बड़ी और अप्रत्याशित खुशी लेकर आएगा।
बेटे की जिद पर मां ने खरीदे थे टिकट
अंतिम संस्कार के बाद जब परिवार वापस सरदूलगढ़ लौटने की तैयारी कर रहा था, तब दोपहर करीब 3 बजे राजिंदर के बेटे ने लॉटरी का टिकट लेने की जिद पकड़ ली। राजिंदर ने अपनी पूरी जिंदगी में पहले कभी लॉटरी नहीं खरीदी थी। बेटे के बार-बार कहने और जिद करने पर आखिरकार राजिंदर की मां ने पंजाब स्टेट डियर 50 कोल्ड फ्राइडे वीकली लॉटरी के 50-50 रुपए वाले पांच टिकट खरीद लिए।
शाम को रिजल्ट आते ही फटी रह गईं आंखें
लॉटरी के टिकट जेब में रखकर परिवार अपने घर लौट आया। 12 तारीख की शाम करीब साढ़े छह बजे जब इस वीकली लॉटरी का ड्रॉ निकला और नतीजे सामने आए, तो राजिंदर सोनी और उनके परिवार की आंखें फटी की फटी रह गईं। बेटे की जिद पर खरीदे गए महज 50 रुपए के उस एक टिकट पर सीधे 15 लाख रुपए का बंपर इनाम निकला था। पहली ही बार में किस्मत ने ऐसा साथ दिया कि परिवार की सारी थकान और कुछ हद तक गम भी छूमंतर हो गया।
बेटियों के इलाज पर खर्च होगी जीती हुई रकम
इतनी बड़ी रकम जीतने के बाद परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है, लेकिन एक पिता के तौर पर राजिंदर सोनी ने इस पैसे को लेकर एक भावुक फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियां मानसिक रूप से कमजोर हैं। अब वह इस 15 लाख रुपये की रकम का इस्तेमाल अपनी बेटियों के बेहतर इलाज और उनकी दवाइयों का खर्च उठाने के लिए करेंगे।


They had come to attend a funeral; on their way back, a 50-rupee lottery ticket turned them into lakhpatis.




