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जालंधर में फिर चला आरा, इस इलाके में मॉल की विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए काटा गया विरासत पेड़; कमिश्नर से FIR की मांग

जालंधर: स्मार्ट सिटी जालंधर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में मसंद चौक के पास स्थित एक पुराने और हरे-भरे विरासत (हेरिटेज) पेड़ की बलि चढ़ा दी गई। शुक्रवार तड़के माफिया ने इस पेड़ को जड़ से काट दिया और अब मौके पर केवल उसका ठूंठ बचा है। यह पेड़ निर्माणाधीन मैक्स मॉल के बिल्कुल पास स्थित था। आरोप है कि मॉल की विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को नष्ट किया गया है। इस घटना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तेजस्वी मिन्हास ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम जालंधर के कमिश्नर को शिकायत सौंपी है और पेड़ कटवाने वाले मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक चला ‘ऑपरेशन’

स्थानीय निवासियों और मजदूरों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से रात के अंधेरे में की गई। निर्माणाधीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिक के कथित निर्देश पर रात करीब 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच भारी मशीनरी, जैसे जेसीबी और ट्रॉलियों की मदद से पेड़ को काटा और हटाया गया। हैरानी की बात यह है कि शहर के इतने मुख्य इलाके में चार घंटे तक चले इस अवैध काम को रोकने के लिए न तो कोई पीसीआर वैन पहुंची और न ही पुलिस को इसकी भनक लगी। मिन्हास ने अपनी शिकायत में इसे “प्राकृतिक विरासत का जानबूझकर विनाश” करार दिया है, क्योंकि यह स्थान मॉडल टाउन गुरुद्वारे से 50 मीटर से भी कम दूरी पर है।

कानूनों की धज्जियां उड़ाकर की गई कटाई

तेजस्वी मिन्हास ने आरोप लगाया है कि पेड़ को केवल इसलिए काटा गया ताकि निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट यानी मॉल की दृश्यता (विजिबिलिटी) सड़क से बेहतर हो सके, जबकि यह पेड़ प्रोजेक्ट साइट के अंदर भी नहीं था। उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता, पंजाब ट्री प्रिजर्वेशन पॉलिसी 2024 और पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट 2025 के कड़े प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और मौके पर क्षतिपूरक पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए।

पहले भी काटे जा चुके हैं 20 से ज्यादा विरासत पेड़

जालंधर में हरियाली पर यह पहला हमला नहीं है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही हफ्तों पहले शहर के विभिन्न इलाकों में, विशेषकर एक गुरुद्वारे और मॉडल टाउन की अन्य इमारतों के आसपास 20 से अधिक विरासत पेड़ों की अवैध कटाई की गई थी। उस मामले में भी काफी हंगामा हुआ था और नगर निगम ने खानापूर्ति करते हुए संबंधित साइट मालिकों को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अब देखना होगा कि इस नए मामले में निगम और पुलिस प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।

The saw is on again in Jalandhar, with heritage trees felled to enhance the visibility of a mall in the area