लुधियाना: लुधियाना के प्रतिष्ठित दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMC) द्वारा मरीज की मौत के बाद शव को रिलीज करने में आनाकानी करने और परिजनों को परेशान करने का मामला तूल पकड़ गया है। पंजाब मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन को कड़ा नोटिस जारी किया है। आयोग के चेयरमैन जतिंदर सिंह शंटी ने डीएमसी प्रबंधन को चंडीगढ़ दफ्तर में तलब किया है और उन्हें अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई मृतक के परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के बाद की गई है, जिसमें अस्पताल पर अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।
शव ले जाने के लिए आयोग को करना पड़ा था हस्तक्षेप
मामला 25 दिसंबर का है, जब हैबोवाल निवासी अमर जोशी की इलाज के दौरान डीएमसी अस्पताल में मौत हो गई थी। उस समय अस्पताल प्रबंधन ने बकाया बिल का भुगतान न होने के कारण शव को परिजनों को सौंपने से इनकार कर दिया था। तब आयोग के हस्तक्षेप के बाद ही अस्पताल ने शव रिलीज किया था। लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के परिवार को बकाया राशि के लिए कानूनी नोटिस भेज दिया है, जिससे परेशान होकर परिवार ने दोबारा आयोग का दरवाजा खटखटाया। चेयरमैन जतिंदर सिंह शंटी ने इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
जमीन बेचकर जमा कराए थे 11 लाख, पत्नी को भी रोका
मृतक के भाई सोनू ने आयोग के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके भाई के लिवर ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल के साथ 17 लाख रुपये का पैकेज तय हुआ था। परिवार ने इलाज के लिए अपना प्लॉट बेचकर 11 लाख रुपये जमा भी करवा दिए थे, लेकिन 6 लाख रुपये अभी बाकी थे। आरोप है कि अस्पताल ने न केवल शव रोका, बल्कि लिवर डोनेट करने वाली मृतक की पत्नी को भी डिस्चार्ज देने से मना कर दिया। परिवार ने 1 लाख रुपये ब्याज पर कर्ज लेकर अस्पताल में जमा कराए, तब जाकर उनकी भाभी को छुट्टी मिली।
बिल माफी की बात कहकर अब थमाया नोटिस
शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि जब शव रिलीज किया गया था, तब यह बात सामने आई थी कि शेष बिल माफ कर दिया जाएगा। लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें 5 लाख रुपये और उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करवाने का नोटिस भेज दिया है। परिवार का कहना है कि वे पहले ही कर्ज में डूबे हुए हैं और अस्पताल का यह रवैया उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है।
आयोग ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
पूरे मामले को सुनने के बाद पंजाब मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जतिंदर सिंह शंटी ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले में सख्त एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि न्याय के सिद्धांत का पालन करते हुए पहले अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सुना जाएगा। इसके लिए उन्हें चंडीगढ़ बुलाया गया है। अगर अस्पताल प्रबंधन दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

The National Human Rights Commission has issued a notice to DMC Hospital in Ludhiana, summoning the management over allegations




