चंडीगढ़: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) एक बार फिर पंजाब में किसी बड़े हमले की फिराक में है। सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, आईएसआई ने विदेश में बैठे अपने आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर्स को सक्रिय कर दिया है। ये तत्व स्थानीय स्लीपर सेल्स और तस्करी नेटवर्क के जरिए पंजाब में दहशत फैलाने के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं। खुफिया रिपोर्ट्स से यह साफ हुआ है कि आईएसआई अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आक्रामक रणनीति अपना रही है।
ड्रोन के जरिए हथियार और नशा भेजने का ‘नार्को-टेरर’ प्लान
आईएसआई सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की खेप भेजकर पंजाब के भीतर अराजक तत्वों को मजबूत कर रही है। इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले या राज्य में अस्थिरता फैलाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते ज्यादातर खेप अपने ठिकाने पर पहुंचने से पहले ही पकड़ ली जा रही हैं। पिछले तीन दिनों में पंजाब पुलिस की कार्रवाई ने इस साजिश की कई परतों को बेनकाब किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि ‘नार्को-टेरर मॉडल’ है, जिसमें नशा बेचकर फंड जुटाया जाता है और हथियारों से हिंसा की तैयारी की जाती है।
डिजिटल ऐप्स और विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, विदेशों में बैठे खालिस्तानी तत्व और उनसे जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क आईएसआई के लिए फील्ड ऑपरेटिव के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें इंटरनेट मीडिया, एनक्रिप्टेड ऐप्स और डिजिटल पेमेंट के जरिए निर्देश और पैसे भेजे जा रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को निशाना बनाना और छोटे-मोटे अपराधों के जरिए अपने नेटवर्क को मजबूत करना है, ताकि सही समय आने पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सके। डीजीपी गौरव यादव ने भी पुष्टि की है कि आईएसआई के तौर-तरीकों में बदलाव आया है और अब ड्रग्स के साथ-साथ हथियार भेजना यह संकेत देता है कि पाकिस्तान प्रायोजित नेटवर्क पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश में है।
‘सॉफ्ट लॉन्च’ रणनीति से युवाओं की भर्ती
आईएसआई और खालिस्तानी तत्व अब ‘सॉफ्ट लॉन्च’ की रणनीति अपना रहे हैं। इसके तहत वे कम लागत और कम जोखिम वाली गतिविधियों, जैसे धार्मिक स्थलों पर झंडे फहराना या पोस्टर चिपकाना, के जरिए लोगों की प्रतिक्रिया जांचते हैं। इसे एजेंसियों ने ‘सॉफ्ट लॉन्च’ का नाम दिया है। इसके बाद वे युवाओं पर इन घटनाओं के प्रभाव का आकलन करते हैं और जिनमें थोड़ी भी सहानुभूति नजर आती है, उन्हें भर्ती करने और फंडिंग देने का काम शुरू करते हैं। इस खतरे को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
विदेशों में कमजोर पकड़ के बाद पंजाब पर फोकस
भारत ने कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों को भी वहां सक्रिय खालिस्तानी नेटवर्क के खतरों से आगाह किया है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि विदेशों में फंडिंग में गिरावट और वहां इनका नरेटिव कमजोर पड़ने की वजह से आईएसआई का पूरा ध्यान अब वापस पंजाब की ओर मुड़ गया है। भारत लगातार इन देशों को डोजियर भेजकर कार्रवाई की मांग कर रहा है। फिलहाल, पंजाब में चल रही पुलिस कार्रवाई यह दर्शाती है कि किसी भी बड़ी साजिश को अंजाम देने से पहले ही उसे नाकाम करने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।

The ISI has hatched a new plot to destabilize Punjab, activating sleeper cells and gangsters




