
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक सपा नेता पर एक बुजुर्ग महिला पर कुल्हाड़ी और सरिया से जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी नेता ने उनके प्राइवेट पार्ट में सरिया डालने की कोशिश की। इस घिनौनी वारदात के बाद 48 घंटे तक स्थानीय पुलिस ने न तो FIR दर्ज की और न ही पीड़िता का मेडिकल कराया। मामला जब पुलिस अधीक्षक (SP) तक पहुंचा, तब जाकर थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया गया और मुकदमा दर्ज हुआ।
घटना रुधौली थाना क्षेत्र की है। पीड़ित बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि मामूली कहासुनी के बाद सपा नेता फूलचंद्र यादव और उसके साथियों ने उन पर हमला बोल दिया। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने कुल्हाड़ी के वार से उनका सर फोड़ दिया और लाठी-डंडों से पीटकर उन्हें अधमरा कर दिया। हैवानियत की हदें तब पार हो गईं जब, आरोप के मुताबिक, सपा नेता ने महिला के सीने पर चढ़कर उनके प्राइवेट पार्ट में सरिया डालने का भी प्रयास किया। घटना के वक्त पीड़िता घर पर अकेली थीं और कोई बचाने वाला नहीं था।

खून से लथपथ पीड़ित महिला काफी देर तक दर्द से तड़पती रहीं। जब उनका बेटा घर पहुंचा, तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने पुलिस रिपोर्ट (मेडिकल) की सलाह दी। इसके बाद पीड़िता जब रुधौली थाने पहुंचीं, तो वहां के थानाध्यक्ष विजय कुमार दुबे ने उनकी फरियाद सुनने के बजाय उन्हें फटकार कर वापस भेज दिया। आरोप है कि 48 घंटे तक पुलिस ने न तो उनकी FIR दर्ज की और न ही उनका मेडिकल कराया।
जब स्थानीय थाने से इंसाफ नहीं मिला, तो पीड़िता ने भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी से संपर्क किया। भाजपा नेता की मदद से लहूलुहान महिला एसपी अभिनंदन के पास पहुंची और उन्हें अपनी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता और पुलिस की लापरवाही को देखते हुए एसपी अभिनंदन ने तत्काल थानाध्यक्ष विजय कुमार दुबे को जमकर लताड़ लगाई और उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर (कर्तव्य से हटाना) कर दिया। एसपी के इस सख्त तेवर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
फिलहाल, रुधौली पुलिस ने आरोपी सपा नेता फूलचंद्र यादव और उसके साथियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की धर पकड़ के लिए दबिश शुरू कर दी गई है।
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The brutality of the SP leader








