You are currently viewing ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हरिमंदिर साहिब में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, माहौल तनावपूर्ण

ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हरिमंदिर साहिब में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, माहौल तनावपूर्ण

🚩अमृतसर में हाई अलर्ट, बाजार पूरी तरह बंद,पसरा सन्नाटा; 2500 पुलिसकर्मी तैनात

अमृतसर: अमृतसर में श्री हरिमंदिर साहिब स्थित श्री अकाल तख्त साहिब पर आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी के मौके पर माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। श्री अकाल तख्त साहिब पर आयोजित अखंड पाठ के भोग के बाद जैसे ही जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कौम के नाम संदेश पढ़ा, वहां मौजूद भारी संख्या में प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। देखते ही देखते अकाल तख्त के नीचे खड़े सैकड़ों समर्थकों ने हाथों में पोस्टर लेकर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए और सरेआम नंगी तलवारें लहराने लगे, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया।

संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने भावुक और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब हमारा होमलैंड है। हम भले ही विदेशों में जाकर बस गए हैं, लेकिन हमें अपनी जड़ों को छोड़ना नहीं है। हमें अपने बच्चों को श्री हरिमंदिर साहिब लेकर आना होगा। आप दुनिया के किसी भी कोने में जाकर बस जाओ, लेकिन अपनी पंजाब की जमीन को कभी मत बेचना।” इसके साथ ही उन्होंने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026’ का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि गुरु ग्रंथ साहिब और सिख पंथ को कानूनी दायरे में लाने व सिख संस्थाओं को कमजोर करने की बड़ी साजिशें रची जा रही हैं।

इस घटनाक्रम के बीच गर्मख्याली संगठन दल खालसा द्वारा दिए गए अमृतसर बंद के आह्वान का शहर में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। संवेदनशील हालात को देखते हुए पूरे अमृतसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पंजाब पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की 5 कंपनियों को शहर में तैनात किया गया है। अकेले श्री हरिमंदिर साहिब और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए 2500 पुलिसकर्मी और 3 विशेष कंपनियां तैनात की गई हैं, जो चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रख रही हैं।

तनावपूर्ण माहौल और बंद की कॉल के कारण स्वर्ण मंदिर के आसपास और शहर के मुख्य बाजारों से लेकर तमाम व्यापारिक मल्टिपल मार्केट पूरी तरह ठप हैं। हालांकि, सुबह 7 से 8 बजे के बीच शहर के बाहरी और रिहायशी इलाकों में कुछ दुकानें खुली नजर आई थीं, लेकिन बाद में पैदा हुए हालातों को देखते हुए दुकानदारों ने खुद ही अपने शटर गिरा दिए। आम दिनों में खरीदारों से गुलजार रहने वाली गलियों और बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है और रेहड़ी-पटरी वालों की आवाजाही भी पूरी तरह थम गई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

Silence prevails in Amritsar; markets and shopping complexes are completely shut