
लुधियाना: रेलवे स्टेशन पर होने वाली भीड़ और धक्का-मुक्की ने एक 5 साल के मासूम की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। लुधियाना स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस में चढ़ते समय हुए एक दर्दनाक हादसे में बच्चे को अपनी एक टांग गंवानी पड़ी। परिवार अपने इकलौते बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित है और सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार, दुगरी इलाके में रहने वाले संदीप कुमार अपने 5 वर्षीय बेटे अभाष और पत्नी के साथ अपने ससुराल मुजफ्फरनगर जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। सुबह जैसे ही इंटरसिटी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर आकर चलने लगी, उन्होंने बच्चे को चढ़ाने की कोशिश की। इसी दौरान या तो किसी के धक्के से या पैर फिसलने से अभाष का संतुलन बिगड़ गया और उसकी बाईं टांग प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसकर पहिए के नीचे आ गई।

हादसे के बाद प्लेटफॉर्म पर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत खून से लथपथ बच्चे को सीएमसी अस्पताल पहुंचाया। पिता संदीप ने बताया कि वे एक प्राइवेट नौकरी करते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। सीएमसी में इलाज का खर्च बहुत अधिक था। उन्हें उम्मीद थी कि शायद दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल में बेटे की टांग बच सकती है।
वे बच्चे को लेकर पहले दिल्ली गए, लेकिन वहां भी कोई संतोषजनक इलाज न मिलने पर मेरठ के एक अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि इन्फेक्शन फैलने के खतरे को देखते हुए टांग काटनी पड़ेगी। आखिरकार, ऑपरेशन के बाद अभाष की बाईं टांग काट दी गई।
पिता संदीप ने रोते हुए कहा, “अभाष हमारा इकलौता बेटा है और दूसरी कक्षा में पढ़ता है। एक पल की लापरवाही ने उसे जिंदगी भर के लिए दिव्यांग बना दिया है।” उन्होंने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने रेलवे प्रशासन से भी गुहार लगाई है कि प्लेटफॉर्म पर भीड़ और धक्का-मुक्की को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा न हो।
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Shocking accident at Ludhiana station




