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पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर वतन लौटे 7 भारतीय, अटारी बॉर्डर पर दिखा भावुक दृश्य

अमृतसर: शनिवार को अटारी-वाघा सीमा पर भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। पाकिस्तान की जेलों से रिहा होकर सात भारतीय नागरिक सुरक्षित अपने वतन वापस लौट आए हैं। लंबे अरसे बाद अपने परिजनों को सामने देख लोगों की आंखें खुशी से छलक उठीं। वतन वापसी के वक्त सीमा पर मौजूद परिवारों ने अपने अपनों को गले लगाया और इस कठिन समय के खत्म होने पर राहत की सांस ली। यह मिलन उन परिवारों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं था जो पिछले ढाई साल से अपने घर के सदस्यों की राह देख रहे थे।

पंजाब और यूपी के रहने वाले हैं सभी नागरिक

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रिहा होकर आए इन सात नागरिकों में से चार पंजाब के फिरोजपुर जिले के हैं, जबकि एक जालंधर और एक लुधियाना का रहने वाला है। इसके अलावा एक व्यक्ति उत्तर प्रदेश का निवासी है। इनमें लुधियाना के गांव परजियां बिहारीपुर के दो युवक रतनपाल सिंह और हरिंदर सिंह भी शामिल हैं, जो करीब ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद अपने घर लौटे हैं। ये दोनों युवक शादीशुदा हैं और खेती-किसानी व मजदूरी कर अपना गुजारा करते थे। सीमा पर अपने पिता को देखकर उनके बच्चे भी भावुक हो गए और माहौल गमगीन हो गया।

2023 की बाढ़ में बहकर पहुंच गए थे उस पार

प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि यह घटना वर्ष 2023 की है जब पंजाब में भीषण बाढ़ आई थी। उस दौरान ये लोग सीमावर्ती इलाकों में अपने रिश्तेदारों, जमीन और पशुओं को बचाने की कोशिश कर रहे थे। पानी के तेज बहाव के कारण ये अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान की तरफ बह गए। वहां पाकिस्तान रेंजर्स ने इन्हें पकड़ लिया और बीएसएफ को सूचित करने के बाद पाकिस्तानी कानूनों के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया था।

जेल में काटीं दुश्वारियां, सुनाई आपबीती

वतन लौटे नागरिकों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वहां की अदालत ने उन्हें एक साल की सजा सुनाई थी, लेकिन रिहाई की प्रक्रिया में देरी के चलते उन्हें ढाई साल जेल में काटने पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें कठिन हालातों में रखा गया। शनिवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें बीएसएफ को सौंपा, जिसके बाद भारतीय अधिकारियों ने कस्टम, इमीग्रेशन और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की। सभी को एहतियात के तौर पर अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में जांच के लिए भेजा गया है। इस मौके पर पीड़ित परिवारों ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

Seven Indians released from a Pakistani prison have returned to their homeland.