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18 महीने से रूस में लापता भाई की तलाश, जालंधर का जगदीप फिर पकड़ेगा रूस की राह, बोला- “घरवालों की मुझसे उम्मीदें हैं”

जालंधर: पिछले 18 महीनों से रूस में कथित तौर पर लापता अपने भाई को खोजने के लिए गोराया निवासी जगदीप कुमार एक बार फिर रूस जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार उनकी आँखों में एक नई उम्मीद है, क्योंकि उन्हें विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ-साथ कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों से मदद का आश्वासन मिला है।

गोराया में मोबाइल फोन की दुकान चलाने वाले जगदीप की कहानी दर्द और धोखे से भरी है। उनका भाई मनदीप कुमार बेहतर भविष्य की तलाश में आर्मेनिया गया था। वहां वह एक ट्रैवल एजेंट के झांसे में आ गया, जिसने उसे इटली भेजने का सपना दिखाया। जगदीप ने आरोप लगाया, “जब मेरा भाई रूस पहुंचा, तो उसे धोखा देकर रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर कर दिया गया।” तब से परिवार का उससे संपर्क लगभग टूट चुका है।

यह जगदीप की दूसरी रूस यात्रा होगी। उन्होंने बताया कि करीब दो महीने पहले भी वह अपने भाई की तलाश में अकेले रूस गए थे, लेकिन वहां उन्हें भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “भाषा की बाधा सबसे बड़ी समस्या थी। मुझे खुद ही एक अनुवादक ढूंढना पड़ा, और रहने-खाने का खर्च बहुत ज्यादा था।” आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए यह एक बड़ा बोझ था।

इस बार जगदीप ने हार नहीं मानी और मदद के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया, जहां से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया, “विदेश मंत्रालय ने हमारी अधिकांश मांगों को पूरा किया है।” उनकी यात्रा के टिकटों की व्यवस्था वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने की है। जगदीप अपने साथ युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे आठ अन्य युवकों के परिवारों को भी ले जाने की कोशिश कर रहे हैं और उनके लिए वह पर्यावरणविद् व सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगने की योजना बना रहे हैं।

जगदीप ने अपने परिवार का दर्द बयां करते हुए कहा, “मेरे माता-पिता की तबीयत ठीक नहीं रहती। मैं बता नहीं सकता कि हम किस दौर से गुजर रहे हैं। हर बार जब मैं घर जाता हूं, तो वे मुझे इस उम्मीद से देखते हैं कि मैं उन्हें कोई अच्छी खबर दूंगा।”

मामले की गंभीरता यह भी है कि जिस एजेंट ने मनदीप को फंसाया, उसी ने जगदीप से भी इटली भेजने के नाम पर 6 लाख रुपये ठग लिए थे। अब तमाम मुश्किलों के बावजूद, जगदीप अपने भाई और उस जैसे अन्य युवकों को वापस लाने के लिए एक बार फिर एक मुश्किल सफर पर निकलने को तैयार है।

 

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Searching for his missing brother