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पंजाब में बेअदबी मामलों की जांच के लिए पुलिस ने जारी की SOP, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पकड़े जाएंगे मास्टरमाइंड

जालंधर: पंजाब में बेअदबी जैसे बेहद संवेदनशील मामलों पर नकेल कसने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पंजाब पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने ऐसे मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच के लिए एक नई और बेहद सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है। इस नई गाइडलाइन के तहत पुलिस अब फॉरेंसिक सटीकता और डिजिटल साक्ष्यों पर अपना फोकस बढ़ाएगी। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि इन मामलों की निगरानी सीधे कमिश्नर और एसएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। पुलिस को हर हाल में 60 से 90 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करके अदालत में चालान पेश करना होगा, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

क्राइम सीन पर बनेगी लक्ष्मण रेखा, पूरी मर्यादा के साथ होगी जांच

नई एसओपी के मुताबिक, किसी भी इलाके से बेअदबी की सूचना मिलते ही संबंधित थाना प्रभारी (SHO) और जांच अधिकारी को बिना एक भी मिनट गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचना होगा। सबूतों से कोई छेड़छाड़ न हो, इसके लिए घटनास्थल पर एक ‘आंतरिक घेरा’ और भीड़ को दूर रखने के लिए ‘बाहरी घेरा’ बनाना अब पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों की धार्मिक भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए यह तय किया गया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के ‘अंगों’ (पन्नों) या किसी भी अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में और पूरी मर्यादा के साथ ही छुआ या स्थानांतरित किया जाएगा।

फोटोग्राफी और फॉरेंसिक जांच से बेनकाब होगी साजिश

पुलिस की जांच का तरीका अब पूरी तरह से वैज्ञानिक और हाई-टेक होगा। हर घटनास्थल की हाई-रिजॉल्यूशन वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और सटीक मैपिंग की जाएगी। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम को तुरंत मौके पर बुलाकर सुबूत जुटाए जाएंगे। नई गाइडलाइन में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ मौके से पकड़े गए मोहरे तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे रची गई पूरी गहरी साजिश और असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए भी एड़ी-चोटी का जोर लगाया जाएगा।

डिजिटल बेअदबी और क्रिप्टो फंडिंग पर AI करेगा वार

आजकल सोशल मीडिया के जरिए फैलाई जा रही नफरत और अफवाहों को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल बेअदबी पर भी अपनी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। भ्रामक पोस्ट और डीपफेक वीडियो की जांच के लिए अब पुलिस अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरणों का इस्तेमाल करेगी। इतना ही नहीं, पुलिस की पैनी नजर अब बेअदबी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए होने वाली फंडिंग पर भी रहेगी। अगर समाज का माहौल बिगाड़ने के लिए बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे भेजे गए हैं, तो पुलिस उसकी भी गहराई से जांच कर असली गुनाहगारों को सलाखों के पीछे धकेलेगी।

Punjab Police Issues SOP to Investigate Sacrilege Cases; Masterminds Will Now Be Apprehended