चंडीगढ़: पंजाब में 14 दिसंबर को होने वाले पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है और मामला अब अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बाद अब मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने याचिका दायर कर नामांकन प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए 8 दिसंबर की तारीख तय की है। याचिका में मुख्य रूप से नामांकन दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की अपील की गई है। गौरतलब है कि चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 4 दिसंबर थी। कांग्रेस का कहना है कि धांधली और बाधाओं के कारण उनके कई उम्मीदवार पर्चा नहीं भर पाए, इसलिए उन्हें और समय मिलना चाहिए।
याचिका में राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बाजवा ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। आरोप है कि कई जगहों पर विरोधी दलों के लोगों को दस्तावेज भरने से रोका गया और उन्हें नामांकन केंद्रों (Nomination Centers) के अंदर घुसने तक नहीं दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने इस दौरान लापरवाही बरती और सत्ता पक्ष के दबाव में काम किया। याचिका में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।
इस मामले में विपक्ष पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है। कांग्रेस से पहले बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल भी इन्हीं शिकायतों के साथ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं। अब सभी की निगाहें 8 दिसंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या कोर्ट चुनाव प्रक्रिया पर कोई रोक लगाता है या नामांकन की तारीख बढ़ाने का आदेश देता है।

Punjab Panchayat Elections Row: Congress Moves HC, Seeks Extension of Nomination Date








