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पंजाब में आज और कल गहरा सकता है बिजली संकट, 48 घंटे तक कोई नहीं सुनेगा शिकायत; जानें क्या है वजह

जालंधर: पंजाब में 21 और 22 जुलाई को बिजली संकट गहराने की पूरी आशंका है, क्योंकि राज्यभर के बिजली कर्मचारियों ने दो दिवसीय सामूहिक अवकाश का ऐलान कर दिया है। अगर इस दौरान आपके इलाके में बत्ती गुल होती है या ट्रांसफॉर्मर में कोई खराबी आती है, तो आपको भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारियों की इस हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति से लेकर अन्य जरूरी प्रशासनिक कार्यों में बड़ी रुकावट आने की पूरी संभावना है।

हर छोटे-बड़े काम पर लगेगा ब्रेक

इस सामूहिक अवकाश के कारण आम जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हड़ताल के दौरान बिजली बिल जमा करवाने, नए कनेक्शन लेने और तकनीकी खराबी को ठीक करने जैसे सभी जरूरी काम सीधे तौर पर प्रभावित रहेंगे। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि इन दो दिनों तक शिकायत निवारण सेवाएं और फॉल्ट रिपेयरिंग का काम भी पूरी तरह से ठप रहने की आशंका है। ऐसे में अगर कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो उसे ठीक करने में काफी लंबा समय लग सकता है।

सरकार और पावरकॉम के खिलाफ खोला मोर्चा

कर्मचारी दल के डिवीजन प्रधान वीरेंद्र सिंह ने इस सामूहिक अवकाश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी बिजली कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार लंबे समय से बिजली कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में यह कठोर कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने सभी श्रेणियों के कर्मचारियों से एकजुट होकर इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

इन बड़े प्रोजेक्ट्स और दफ्तरों में ठप रहेगा काम

इस बड़े स्तर की हड़ताल का असर सिर्फ आम दफ्तरों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पावर ग्रिड और सब-स्टेशनों तक इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। राज्य के सभी सब-डिवीजन, सर्कल ऑफिस, थर्मल पावर प्लांट और हाइडल प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी अपना कामकाज छोड़कर इस विरोध में शामिल होंगे। इस आंदोलन को पीएसईबी एम्प्लॉइज ज्वाइंट फोरम, बिजली मुलाजिम एकता मंच, एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स और पावरकॉम एंड ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन समेत राज्य की लगभग सभी प्रमुख बिजली यूनियनों का पूरा और मजबूत समर्थन प्राप्त है।

Power crisis in Punjab likely to worsen today and tomorrow; complaints will go unaddressed for 48 hours