जालंधर: पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग अब और तेज हो गई है। शनिवार को जालंधर पुलिस ने शहर भर में नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए एक विशेष ‘कासो’ (CASO – कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के 15 चिन्हित संदिग्ध इलाकों को घेरकर सघन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 से 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे थाने में पूछताछ की जा रही है।
मधुबन कॉलोनी और नाखा वाला बाग बने टारगेट
एसपी हरिंदर सिंह गिल ने बताया कि पुलिस को वेस्ट हलके के नाखा वाला बाग और पास की मधुबन कॉलोनी से नशे के कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना थी कि इन इलाकों में ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। इसी आधार पर शनिवार को भारी पुलिस बल ने इन इलाकों में दबिश दी। पुलिस ने संदिग्ध घरों की तलाशी ली और वहां मौजूद लोगों के रिकॉर्ड खंगाले। एसपी ने बताया कि पकड़े गए संदिग्धों को थाने ले जाकर पूछताछ की जा रही है ताकि सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।
14 थानों की फोर्स सड़क पर उतरी
स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रही विशेष मुहिम का हिस्सा है। ऑपरेशन की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शहर के 14 पुलिस थानों के एसएचओ, डीएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। एसीपी मनमोहन लाल ने जानकारी दी कि सरकारी निर्देशों के अनुसार लड्डी मोहल्ले समेत अन्य हॉटस्पॉट इलाकों में भी घरों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध इलाकों में हर सप्ताह इस तरह की कार्रवाई की जाती है, लेकिन आज पूरे शहर में एक साथ यह अभियान चलाया गया।
नशा करने वालों को सुधरने का मौका, तस्करों पर सख्ती
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कानूनी पहलुओं पर भी जानकारी साझा की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान काबू किए गए तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 के तहत कार्रवाई की जाती है और उन्हें जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है। हालांकि, पुलिस का मानवीय चेहरा भी सामने आया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जो लोग छोटी मात्रा में नशा रखने के आरोप में पकड़े जाते हैं या नशे के आदी हैं, उन्हें धारा 64-ए के तहत एक मौका दिया जाता है। वे आवेदन देकर नशा छोड़ने की इच्छा जता सकते हैं, जिसके बाद उन्हें जेल भेजने के बजाय नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया जाता है। इलाज पूरा होने और नशा मुक्त होने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है।

Police conducted a simultaneous cordon and search operation in 15 areas of Jalandhar




