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अमेरिका में पंजाब के कुख्यात सिंडिकेट का भंडाफोड़, युवाओं को चंद पैसों का लालच देकर बनाता था मोहरा; FBI के हत्थे चढ़ा मोस्ट वांटेड ‘लाला’

वाशिंगटन: अमेरिका में सक्रिय पंजाब के एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने बड़ा हथौड़ा चलाया है। एफबीआई ने कुछ ही दिन पहले अपनी मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल किए गए भारतीय नागरिक नीतीश कौशल उर्फ ‘लाला’ को वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है। कौशल की इस गिरफ्तारी को जग्गू भगवानपुरिया गैंग के नेटवर्क पर एक करारा प्रहार माना जा रहा है, जिसका काला कारोबार उत्तरी अमेरिका से लेकर यूरोप और ओशिनिया तक फैला हुआ है। एफबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बड़ी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए अन्य फरार आरोपियों की जानकारी के लिए जनता से सहयोग मांगा है।

1000 से ज्यादा गुर्गे, ड्रग्स से लेकर हत्याओं तक का सिंडिकेट

अमेरिकी जांच एजेंसियों द्वारा दायर 44 पन्नों की फेडरल चार्जशीट में इस गैंग को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, जग्गू भगवानपुरिया का यह सिंडिकेट मुख्य रूप से भारत से ऑपरेट होता है, लेकिन इसके 1000 से ज्यादा खूंखार सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में फैले हैं। अकेले अमेरिका में इसके 100 से ज्यादा गुर्गे सक्रिय हैं। यह गैंग हत्या, अपहरण, कोकीन और मेथामफेटामाइन जैसी भारी ड्रग्स की तस्करी, फिरौती, हथियारों और मानव तस्करी के जरिए अपना आपराधिक साम्राज्य चलाता है। कभी जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े रहे जग्गू भगवानपुरिया ने अब अपनी एक अलग और बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली है।

कैलिफोर्निया में अपहरण और 50 हजार डॉलर की फिरौती का सच

गिरफ्तार किया गया आरोपी नीतीश कौशल इस सिंडिकेट के इशारे पर अपहरण और मारपीट जैसी हिंसक वारदातों को अंजाम देता था। चार्जशीट के अनुसार, 10 जुलाई 2024 को कौशल ने अपने साथियों अमृतपाल सिंह बल, हर्षप्रीत सिंह और अमरबीर सिंह के साथ मिलकर कैलिफोर्निया में एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया था। गैंग को शक था कि उस व्यक्ति ने उनकी ड्रग्स की कोई खेप चुराई है। पीड़ित को बंधक बनाकर उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई और मुआवजे के तौर पर 50 हजार डॉलर की फिरौती मांगी गई। हालांकि, गैंग के भीतर चल रहे विवाद के चलते बाद में जग्गू भगवानपुरिया के निर्देश पर ही उस व्यक्ति को रिहा कर दिया गया था।

पंजाब के युवाओं को चंद पैसों का लालच देकर बनाता था मोहरा

जांच में यह भी सामने आया है कि यह अंतरराष्ट्रीय गैंग पंजाब के कमजोर और भटके हुए युवाओं को पैसे, ताकत और भारत से बाहर भेजने का लालच देकर अपने संगठन में भर्ती करता था। अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, महज 20 हजार रुपये देकर इन युवाओं से हत्याएं करवाई जाती थीं और वफादार साबित होने वाले सदस्यों को इनाम के तौर पर अमेरिका या कनाडा बुला लिया जाता था। इसके अलावा, यह गैंग विदेशों में बैठे लोगों से उगाही के लिए पंजाब में रह रहे उनके परिजनों को निशाना बनाता था। एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए धमकियां दी जाती थीं और कई मामलों में भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से लोगों पर झूठे केस दर्ज करवाकर मोटी रकम ऐंठी जाती थी।

कौशल को जमानत नहीं देने की उठी मांग

नीतीश कौशल की गिरफ्तारी के बाद अब फेडरल वकीलों ने उसे ट्रायल से पहले ही सख्त हिरासत में रखने की मांग की है। वकीलों का तर्क है कि कौशल अमेरिका का कानूनी रूप से स्थायी निवासी नहीं है, इसलिए उसके देश से भागने का पूरा खतरा बना हुआ है। साथ ही उसे समाज के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही अमेरिकी एजेंसियां अब भारत और अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर सीमा पार से चल रहे इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की जड़ों को खत्म करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।

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