चंडीगढ़: पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार राज्य विधानसभा का मॉनसून सत्र अगस्त के पहले सप्ताह में बुलाने की तैयारी कर रही है। सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि इस सत्र के दौरान ‘श्री जगत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम’ में बदलावों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है। यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार अब एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने के बजाय पूरे एक सप्ताह तक चलने वाले सत्र की योजना बना रही है।
अकाल तख्त की डेडलाइन और सरकार की रणनीति
गौरतलब है कि बीते 29 जून को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सभी सिख विधायकों को अकाल तख्त के समक्ष तलब किया था। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन एक महीने के भीतर किया जाए। जत्थेदार द्वारा दी गई 28 जुलाई की समय-सीमा अब नजदीक है, जिसे देखते हुए सरकार अब अकाल तख्त सचिवालय से अतिरिक्त समय मांगने की कवायद में जुटी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस पूरे मामले को लेकर अपने कैबिनेट सहयोगियों, शीर्ष अधिकारियों और राजनीतिक सलाहकारों के साथ लगातार मंत्रणा कर रहे हैं।
आखिरी मॉनसून सत्र पर सबकी निगाहें
मौजूदा पंजाब विधानसभा का यह कार्यकाल का अंतिम मॉनसून सत्र होगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सत्र की आधिकारिक तारीखों का ऐलान इसी सप्ताह कर दिया जाएगा। एक दिवसीय विशेष सत्र के बजाय अब पूरा मॉनसून सत्र बुलाने का निर्णय यह दर्शाता है कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तृत चर्चा और कानूनी प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए पूरा समय लेना चाहती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अकाल तख्त द्वारा निर्धारित समय-सीमा के दबाव और विधानसभा की कार्यवाही के बीच संतुलन कैसे बिठाती है।


Monsoon session of Punjab Assembly in August, will the ‘Shri Jagat Jot Guru Granth Sahib Satkar Amendment Bill’ be approved




