चंडीगढ़: पंजाब में महत्वाकांक्षी सरकारी योजनाओं के लिए फंड जुटाने की कवायद को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य की भगवंत मान सरकार को एक करारा कानूनी झटका देते हुए ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के लिए निर्माण श्रमिक कल्याण कोष (कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर फंड) से वित्तीय राशि ट्रांसफर करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने मजदूरों के पसीने की कमाई और उनके कल्याण के लिए जमा फंड का इस्तेमाल किसी अन्य सरकारी योजना में करने के इस विवादित फैसले पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और मामले में विस्तृत जवाब तलब किया है।
डॉ. अंबेडकर वर्कर्स यूनियन की याचिका पर अदालत का सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश डॉ. अंबेडकर वर्कर्स यूनियन (पंजाब) द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिकाकर्ता संगठन ने कोर्ट के सामने दलील दी कि ‘पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड’ ने 2 जुलाई 2026 को एक प्रस्ताव पारित कर निर्माण श्रमिकों के कल्याण कोष से ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता देने के लिए भारी-भरकम राशि स्थानांतरित करने का गैरकानूनी फैसला लिया था। यूनियन का तर्क है कि कानून के मुताबिक इस कोष का उपयोग केवल और केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए ही किया जा सकता है। किसी अन्य सरकारी या सामाजिक योजना में इस फंड का इस्तेमाल करना पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।
बोर्ड के पुनर्गठन और मजदूरों की पेंशन कटौती पर भी उठाए सवाल
याचिका में सिर्फ फंड ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि वेलफेयर बोर्ड के पुनर्गठन और श्रमिकों की पेंशन से जुड़े कई गंभीर मामलों को भी अदालत में चुनौती दी गई है। यूनियन ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने 16 मार्च 2026 को एक अधिसूचना जारी कर 1996 के पुराने कानून के तहत बोर्ड का पुनर्गठन किया, जबकि यह कानून पहले ही केंद्र के ‘सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020’ में समाहित हो चुका है। ऐसे में सरकार द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया गया यह पुनर्गठन कानूनी रूप से अमान्य है। इसके साथ ही, बोर्ड द्वारा पंजीकृत बुजुर्ग मजदूरों की मासिक पेंशन में कटौती करने के फैसले को भी श्रमिक हितों पर कुठाराघात बताते हुए अदालत से इसे तुरंत रद्द करने की मांग की गई है।
‘बजट में धन की कोई कमी नहीं, महिलाओं की योजना जारी रहेगी’: आम आदमी पार्टी
हाईकोर्ट द्वारा फंड ट्रांसफर पर रोक लगाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने इस पूरे मामले पर अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट किया है। पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि सरकार ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के संचालन के लिए राज्य के मुख्य बजट में पहले ही पर्याप्त राशि का प्रावधान कर रखा है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि यह मामला अब माननीय अदालत में विचाराधीन है, इसलिए राज्य सरकार कोर्ट में अपना पक्ष पूरी मजबूती और कानूनी तथ्यों के साथ रखेगी। प्रवक्ता ने प्रदेश की महिलाओं को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान और आर्थिक मजबूती से जुड़ी यह महत्वपूर्ण योजना किसी भी कीमत पर रुकेगी नहीं और भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।


‘Mavan-Dhiyan Satkar Yojana’ cannot be funded by workers’ fund; major setback for Punjab government








