कपूरथला: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कपूरथला के उप मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) की अदालत में तैनात नायब कोर्ट रजिन्दर सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी ने एक गरीब मजदूर से उसका केस पूरी तरह खारिज करवाने के एवज में रुपयों की मांग की थी, जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
मजदूर को डराकर 10 हजार रुपये की कर रहा था मांग
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई जालंधर जिले के नकोदर निवासी एक मजदूर की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस ने उसे और उसके दोस्त जोबन को बीएनएसएस (BNSS) की धारा 128 के तहत गिरफ्तार कर कपूरथला एसडीएम की अदालत में पेश किया था। जमानत मिलने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी 2026 मुकर्रर की गई थी। आरोप है कि अदालत में तैनात नायब कोर्ट रजिन्दर सिंह शिकायतकर्ता को बार-बार परेशान कर रहा था और केस पूरी तरह खत्म करवाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
आर्थिक तंगी का दिया हवाला तो 8 हजार में तय हुआ सौदा
शिकायतकर्ता मजदूर ने आरोपी के सामने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और तंगी का हवाला दिया। काफी बातचीत के बाद आरोपी नायब कोर्ट 8 हजार रुपये लेकर केस खारिज करवाने के सौदे के लिए राजी हो गया। लेकिन, शिकायतकर्ता ने समझदारी दिखाते हुए रिश्वत मांगने से जुड़ी यह सारी बातचीत अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली और पैसे देने की बजाय सीधे जालंधर विजिलेंस ब्यूरो यूनिट का दरवाजा खटखटाया।
विजिलेंस ने बिछाया जाल और मौके पर पकड़ा गया आरोपी
विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एक पुख्ता ट्रैप (जाल) लगाया। तय योजना के मुताबिक, जैसे ही आरोपी नायब कोर्ट रजिन्दर सिंह ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 8 हजार रुपये की रिश्वत राशि पकड़ी, विजिलेंस की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, जालंधर विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विभाग द्वारा इस पूरे मामले की आगे की गहन जांच की जा रही है।

Major vigilance action in SDM court, Naib Court arrested red-handed while accepting a bribe of Rs 8,000 in the name




