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पंजाब में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: कोर्ट का एजेंट और हौजरी वर्कर निकले खालिस्तान कमांडो फोर्स के मेंबर, विदेशी आकाओं के इशारे पर कर रहे थे रेकी

लुधियाना: पंजाब पुलिस ने राज्य में अशांति फैलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते विफल कर दिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने एक खुफिया ऑपरेशन के दौरान लुधियाना से दो ऐसे संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो आम जिंदगी जीते हुए एक खतरनाक आतंकी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय करनबीर निवासी हैबोवाल कलां और अवतार सिंह तारी निवासी न्यू शिमलापुरी, मिलरगंज के रूप में हुई है। पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम है क्योंकि इनमें से एक आरोपी कोर्ट परिसर में काम करता था और सिस्टम के भीतर रहकर ही उसकी रेकी कर रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि अवतार सिंह लुधियाना कोर्ट परिसर में एजेंट के तौर पर काम करता था और इसी की आड़ में वह सरकारी इमारतों की रेकी करता था। बाद में वह निहंग वेशभूषा धारण कर कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया। वहीं, दूसरा आरोपी करनबीर अपने पिता के साथ हौजरी का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, अवतार सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उस पर पहले भी आर्म्स एक्ट व आईपीसी के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि करनबीर का यह पहला पुलिस रिकॉर्ड है। इनकी गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने एक 9 एमएम की पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए जमा किए गए थे।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने मामले की गंभीरता को साझा करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में इन दोनों के तार विदेश में बैठे आतंकी आकाओं से जुड़े मिले हैं। ये दोनों ब्रिटेन और जर्मनी में सक्रिय हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे, जिनका संबंध खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) और कट्टरपंथी विचारधारा से है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वे विदेश में रहने वाले कुलवंत सिंह मान खालसा नामक हैंडलर के संपर्क में आए थे। खालसा ने उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए जोड़ा, कट्टरपंथी बनाया और लुधियाना में दक्षिणपंथी नेताओं व सरकारी दफ्तरों की रेकी कर उनकी तस्वीरें भेजने का काम सौंपा। इनका मकसद शहर में टारगेट किलिंग और बम धमाकों जैसी घटनाओं के लिए जमीन तैयार करना था।

एसएसओसी एसएएस नगर के एआईजी डी. सुडरविजी ने ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को एक विशिष्ट खुफिया इनपुट मिला था, जिसके बाद यह सटीक कार्रवाई की गई। जांच से यह साफ हो गया है कि विदेश में बैठे आकाओं ने सोशल मीडिया के जरिए इनका ब्रेनवॉश किया और भर्ती किया। उन्हें चरमपंथी सामग्री प्रसारित करने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क खड़ा करने का जिम्मा सौंपा गया था। पुलिस ने इस संबंध में थाना एसएसओसी एसएएस नगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113 (5) और 61 (2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ करने जा रही है ताकि इस नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से खोदा जा सके।

Major terror plot foiled in Punjab: Court agent and hosiery worker found to be members of the Khalistan Commando Force