चंडीगढ़: पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस के बाद अब पंजाब कांग्रेस में भी एक बड़े बिखराव के संकेत मिल रहे हैं। गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा गुपचुप तरीके से दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान रंधावा के साथ भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ भी नजर आए, जिसके बाद रंधावा के पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं। दिल्ली में भाजपा सांसद तरुण चुघ और सुखजिंदर सिंह रंधावा को एक साथ देखा गया है।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से नाराजगी, चन्नी ने खोला मोर्चा
कांग्रेस आलाकमान द्वारा लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस प्रमुख के पद पर बरकरार रखने के फैसले से पार्टी के भीतर असंतोष की आग भड़क गई है। प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराज पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चन्नी ने अपने मोरिंडा स्थित आवास पर कांग्रेस नेताओं की एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जिससे पंजाब की सियासत में हड़कंप मच गया है।
चन्नी की सीक्रेट मीटिंग में पहुंचे 3 मौजूदा विधायकों समेत 25 दिग्गज
इस संकटकालीन बैठक में 3 मौजूदा विधायकों सहित कांग्रेस के 25 से अधिक बड़े नेता शामिल हुए हैं। चन्नी के बुलावे पर बैठक में शामिल होने वालों में MLA तृप्त राजिंदर बाजवा, बरनाला के विधायक काला ढिल्लों, कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, गुरकीरत कोटली, पूर्व MLA गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, पूर्व विधायक परमिंदर सिंह पिंकी, दविंदर सिंह घुबाया, इंद्रबीर सिंह बुलारिया, लखबीर लक्खा, तरसेम डीसी, दर्शन बराड़, हरमिंदर सिंह गिल, मदनलाल जलालपुर, यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर ढिल्लो, कमलजीत कड़वल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक, पूर्व विधायक जोगगिंदर पाल, दिनेश बस्सी, दलबीर गोल्डी, पूर्व विधायक पिरमल सिंह और सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह चन्नी के घर पहुंचे। फरवरी 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के भीतर मचे इस घमासान ने आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं।


Major rebellion within the Punjab Congress: Randhawa met Amit Shah in Delhi








