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पंजाब कांग्रेस में फिर मचा घमासान, पूर्व DGP मुस्तफा का हाईकमान को ओपन लेटर; राजा वड़िंग को हटाने की मांग से मची खलबली

चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह एक बार फिर से सतह पर आ गई है। पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) मोहम्मद मुस्तफा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को एक खुला पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को तुरंत पद से हटाने की जोरदार मांग की है। मुस्तफा ने पार्टी हाईकमान को सलाह दी है कि राजा वड़िंग को पार्टी के व्यापक हित में स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए दो पन्नों के इस कड़े पत्र में उन्होंने तर्क दिया है कि संगठन के मौजूदा संकट को दूर करने के लिए पंजाब कांग्रेस को अब एक निर्णायक और योग्यता पर आधारित नेतृत्व की सख्त जरूरत है।

‘कुछ नेताओं के प्रति हद से ज्यादा नरमी दिखा रहा हाईकमान’

मोहम्मद मुस्तफा ने अपने इस पत्र को ‘कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के नाम एक खुला पत्र: एक अनचाही सलाह और निर्णय लेने की अपील’ शीर्षक दिया है। खुद को कांग्रेस का शुभचिंतक बताते हुए उन्होंने लिखा कि भले ही वह पार्टी के सक्रिय सदस्य नहीं हैं, लेकिन उनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात और हाल ही में मोरिंडा में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने पिछले छह महीनों को ‘बेतुके नाटक का एक आदर्श उदाहरण’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकमान कुछ ऐसे नेताओं के प्रति हद से ज्यादा नरमी दिखा रहा है, जो खुद को पार्टी से बड़ा समझने लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि साल 2012 में कांग्रेस में शामिल होने वाले कुछ लोग अब संगठन को अपनी शर्तों पर चलाने की कोशिश कर रहे हैं।

राजा वड़िंग ने नेताओं के एक बड़े वर्ग को खुद से किया दूर

पार्टी के लिए ‘आगे की राह’ सुझाते हुए मुस्तफा ने लिखा कि राजा वड़िंग को स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए और आगे का फैसला शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वड़िंग ने अपनी अपरिपक्वता, अत्यधिक महत्वाकांक्षा और अपने मुख्य सलाहकार संदीप संधू के प्रभाव में आकर पंजाब कांग्रेस के नेताओं के एक बहुत बड़े वर्ग को खुद से दूर कर लिया है। मुस्तफा ने हाईकमान को सलाह दी है कि यदि नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की जाती है, तो यह चयन किसी गुट को खुश करने के बजाय पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होना चाहिए। पंजाब को एक ऐसे दमदार नेता की जरूरत है जो राजनीतिक जोड़-तोड़ के बजाय सीधे तौर पर मौजूदा सत्ताधारी सरकार से टक्कर ले सके।

‘मोरिंडा की घटना तो बस शुरुआत, आगे और भड़क सकता है विवाद’

पूर्व डीजीपी ने पार्टी हाईकमान को चेतावनी देते हुए कहा कि हाल ही में हुआ मोरिंडा घटनाक्रम तो केवल एक शुरुआत है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा पेश करने की कोशिशों सहित ऐसी कई सुनियोजित राजनीतिक बगावतें देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में हिम्मत और स्पष्ट फैसलों को सम्मान मिलता है, जबकि अनिर्णय की स्थिति को जनता नकार देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘पंजाब में राहुल गांधी ही कांग्रेस हैं, न कि इसका उल्टा।’ अपने पत्र के अंत में उन्होंने तत्काल कार्रवाई की अपील करते हुए लिखा कि अब फैसले लेने का समय आ गया है और इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, नेतृत्व को सख्त कदम उठाने ही होंगे।

Fresh turmoil in Punjab Congress: Former DGP Mustafa writes an open letter to the High Command