पटियाला: पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने ऋण बाजार से बॉन्ड और नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर के जरिए ₹10,000 करोड़ जुटाने की अपनी योजना को पूरी तरह रद्द करने का फैसला लिया है। यह अहम फैसला बुधवार को हुई पावरकॉम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया। बोर्ड ने समीक्षा के दौरान पाया कि बिजली निगम बैंकों से पहले ही ₹5,500 करोड़ का कर्ज जुटाने में सफल रहा है, जो फिलहाल पावरकॉम के वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
मर्चेंट बैंकर की भारी-भरकम फीस पर छिड़े विवाद के बाद यू-टर्न
दरअसल, पावरकॉम द्वारा मर्चेंट बैंकर के जरिए बिना सरकारी गारंटी के यह कर्ज उठाने के प्रस्ताव पर भारी विरोध और आलोचना शुरू हो गई थी। इस फंड मोबिलाइजेशन के बदले मर्चेंट बैंकर को अरेंजर फीस के तौर पर ₹150 करोड़ से ₹177 करोड़ तक का भारी-भरकम भुगतान किया जाना था। उस समय तर्क दिया गया था कि पंजाब सरकार की ओर से सब्सिडी जारी होने में देरी और बकाया बिजली बिलों के चलते निगम में नकदी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे निपटने के लिए यह कर्ज लेना जरूरी है।
बिना किसी फीस के बैंक देने को तैयार हुए कर्ज, रद्द हुआ टेंडर
बुधवार की बैठक में बोर्ड के सदस्यों को सूचित किया गया कि जब वाणिज्यिक बैंक बिना किसी अतिरिक्त अरेंजर फीस या कमीशन के पावरकॉम को जरूरी ऋण देने के लिए तैयार हैं, तो मर्चेंट बैंकर को करोड़ों रुपये की फीस देकर कर्ज जुटाने की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती। इस स्थिति को देखते हुए बोर्ड ने बाजार से मर्चेंट बैंकर के जरिए बॉन्ड जारी करने की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
दो किस्तों में जुटाए जाने थे ₹10 हजार करोड़
पावरकॉम ने मर्चेंट बैंकर नियुक्त करने के लिए 15 जून को टेंडर जारी किया था और 30 जुलाई को तकनीकी बोलियां खोली गई थीं। यह राशि ₹5,000-₹5,000 करोड़ की दो किस्तों में जुटाई जानी थी। इस प्रक्रिया में सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड कैटेगरी-1 के तीन मर्चेंट बैंकरों- एके कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड, ट्रस्ट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड और रियल ग्रोथ सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड ने भाग लिया था। इसमें सबसे कम 1.5 प्रतिशत अरेंजर फीस की बोली एके कैपिटल द्वारा लगाई गई थी, लेकिन अब बोर्ड के फैसले के बाद यह पूरी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई है।


Major decision by PSPCL: Powercom backs out of raising 10,000 crore via bonds




