
लुधियाना: लुधियाना सेंट्रल जेल की सुरक्षा में एक बार फिर बड़ी चूक का मामला सामने आया है, जहाँ जेल के ही एक असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को दो हवालातियों के साथ मिलीभगत कर नशा और मोबाइल सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से LED लाइट की बॉडी में डबल टेप लगाकर नशे की खेप और मोबाइल फोन जेल के अंदर पहुँचाता था। इस रैकेट का भंडाफोड़ DSP सिक्योरिटी द्वारा की गई एक औचक चेकिंग के दौरान हुआ।
जानकारी के अनुसार, DSP सिक्योरिटी जगजीत सिंह ने सेंट्रल जेल में एक औचक तलाशी अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान जब टीम एक LED लाइट के पास पहुँची तो उसकी बनावट संदिग्ध लगी। गहनता से जाँच करने पर LED की बॉडी में डबल टेप से चिपकाए गए नशीले पदार्थ और मोबाइल फोन बरामद हुए, जिसे देखकर चेकिंग टीम भी दंग रह गई।

DSP जगजीत सिंह ने बताया कि तलाशी के दौरान 84 ग्राम भूरे रंग का नशीला पदार्थ, 121 ग्राम काले रंग का नशीला पदार्थ और 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए। मौके पर मौजूद जेल कर्मचारियों से जब इस बारे में पूछताछ की गई, तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सख्ती से जांच की गई तो पता चला कि यह सारा सामान जेल में बंद दो हवालातियों, फिरोजदीन और दीपक का है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट की मदद से ही यह नशीला पदार्थ और मोबाइल उन तक पहुँचता था। इस खुलासे के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि लुधियाना जेल में अधिकारियों की मिलीभगत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो जेल सुपरिटेंडेंट सतनाम सिंह और गगन शर्मा को कैदियों तक मोबाइल और नशा पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। थाना डिवीजन नंबर सात में मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क की पूरी गहराई तक पहुँचा जा सके।
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Major burglary in Ludhiana Central Jail




