
लुधियाना: लुधियाना पुलिस द्वारा हाल ही में नाकाम की गई पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की बड़ी आतंकी साजिश की जांच में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी कदम रख दिया है। मामले के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने के कारण केंद्रीय एजेंसी ने जांच की कमान संभाल ली है। इस सिलसिले में शुक्रवार को NIA के वरिष्ठ अधिकारियों ने लुधियाना का दौरा किया और आतंकी साजिश से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान किया।
NIA की टीम, जिसका नेतृत्व एक DSP रैंक के अधिकारी कर रहे थे, ने लुधियाना पुलिस के ACP रैंक के अधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान की ISI अपने विदेशी हैंडलर्स के माध्यम से लुधियाना के एक घनी आबादी वाले इलाके में ग्रेनेड हमला कराने की फिराक में थी। इस साजिश को पुलिस ने समय रहते बेनकाब करते हुए 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। NIA ने इस सफल ऑपरेशन के लिए लुधियाना पुलिस की सराहना भी की है।

एजेंसी के अधिकारियों ने गिरफ्तार किए गए सभी दस संदिग्धों और उनके विदेशी हैंडलर्स के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। पुलिस के मुताबिक, मलेशिया में बैठा अजय, जस्स बहबल और पवनदीप जैसे ISI एजेंट पंजाब में आतंक फैलाने का काम कर रहे हैं। ये सभी विदेशी हैंडलर्स अब NIA की रडार पर आ गए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस केस में अंतरराष्ट्रीय लिंक होने के कारण NIA का दखल देना जरूरी था। माना जा रहा है कि NIA जल्द ही इस मामले में अपनी अलग जांच भी शुरू कर सकती है और विदेशी संबंधों की गहनता से पड़ताल करेगी। एजेंसी के पास अंतरराष्ट्रीय मामलों की जांच के लिए बेहतर संसाधन हैं, जिससे वे विदेशों में अपने समकक्षों (काउंटर पार्ट्स) के साथ भी समन्वय स्थापित कर सकते हैं।
हालांकि, लुधियाना पुलिस की जांच भी समानांतर रूप से जारी रहेगी। पुलिस ने पहले ही ISI के संपर्क में रहने वाले अन्य संदिग्धों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग जुटा लिए हैं।
गौरतलब है कि इस मामले में गिरफ्तार 10 आरोपियों में से छह लोगों को फरीदकोट और गंगानगर की विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। पुलिस ने संदिग्धों के कई सोशल मीडिया प्रोफाइल भी बरामद किए हैं, जिनके जरिए वे ISI के विदेशी हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में थे।
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Ludhiana hand grenade case




