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दिल्ली के अस्पताल में लुधियाना के डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर दी जान, 3 पेज के सुसाइड नोट में लिखी दर्दनाक कहानी

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित अरुणा आसफ अली अस्पताल में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पिछले तीन साल से एनेस्थीसिया विभाग में सीनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत लुधियाना के एक डॉक्टर ने ड्यूटी रूम में ही खुद को एनेस्थीसिया का जानलेवा इंजेक्शन लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक डॉक्टर ने तीन पेज का एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें प्रेम विवाह में जाति की दीवार बनने को इस खौफनाक कदम की वजह बताया गया है। इस सनसनीखेज घटना के बाद से अस्पताल परिसर और डॉक्टर के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

‘मेरा सारा सामान प्रेमिका को दिया जाए’: सुसाइड नोट में छलका दर्द
मृतक की पहचान पंजाब के लुधियाना स्थित बीआरएस नगर के रहने वाले 35 वर्षीय डॉ. सिमरप्रीत सिंह आनंद के रूप में हुई है। पुलिस को कमरे से तीन पेज का एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें डॉ. सिमरप्रीत ने लिखा है कि वे जिस महिला डॉक्टर से प्यार करते हैं, उनके माता-पिता उससे शादी नहीं करने देंगे क्योंकि दोनों की जाति मैच नहीं करती है। सुसाइड नोट में उन्होंने बाकायदा अपनी प्रेमिका का नाम लिखते हुए यह अंतिम इच्छा जताई है कि उनका सारा सामान उनकी प्रेमिका को ही सौंप दिया जाए। उनके परिवार में पिता हरप्रीत सिंह आनंद, मां और एक बड़ा भाई हैं, जिनका युवा डॉक्टर की मौत की खबर सुनकर रो-रोकर बुरा हाल है।

तबीयत खराब होने का बहाना कर लगवाया था कैनुला
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) राजा बांठिया ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. सिमरप्रीत 4-5 जुलाई की रात 8 बजे से नाइट ड्यूटी पर थे। शनिवार शाम जब वह अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने बहुत थका हुआ होने और तबीयत खराब होने की बात कही थी। इसके बाद रात करीब 10 बजे उन्होंने कुछ दवाएं लेने का बहाना बनाकर अपने टेक्निकल असिस्टेंट से बाएं हाथ में कैनुला लगवाया था। एमबीबीएस के बाद एनेस्थीसिया में एमडी होने के कारण डॉ. सिमरप्रीत को इस बात की पूरी और सटीक तकनीकी जानकारी थी कि एनेस्थीसिया की कितनी डोज शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने इसी ज्ञान का इस्तेमाल खुद की जान लेने के लिए किया।

सुबह नहीं खुला दरवाजा तो टूटा ड्यूटी रूम का ताला, जांच में जुटी एफएसएल टीम
सुबह करीब 9 बजे तक जब ड्यूटी रूम (कमरा नंबर-109) का दरवाजा अंदर से नहीं खुला, तो अस्पताल के कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद दरवाजे को तोड़ा गया, जहां अंदर डॉ. सिमरप्रीत बेहोशी की हालत में पड़े मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली के सिविल लाइंस थाने की पुलिस, जिला क्राइम टीम और एफएसएल रोहिणी की टीम मौके पर पहुंची। कमरे से इस्तेमाल की हुई सिरिंज और दवाओं की खाली शीशियां बरामद कर ली गई हैं। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मेडिकल बोर्ड के जरिए शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।

Ludhiana doctor takes his own life via anesthesia overdose at a Delhi hospital