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कनाडा में 16 मौतों के गुनहगार पंजाबी ड्राइवर को ऐन मौके पर ‘संजीवनी’, डिपोर्ट होने से ठीक 48 घंटे पहले कोर्ट ने पलटा फैसला

ओटावा: कनाडा के इतिहास के सबसे भीषण और दर्दनाक सड़क हादसों में से एक ‘हंबोल्ट ब्रोंकोस बस हादसे’ के गुनहगार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंजाब मूल के ट्रक ड्राइवर जसकीरत सिंह सिद्धू को कनाडा से भारत डिपोर्ट (निर्वासित) किए जाने पर फेडरल कोर्ट ने इमरजेंसी रोक लगा दी है। सिद्धू को इसी सोमवार सुबह भारत भेजा जाना था, लेकिन रवानगी से महज दो दिन पहले आए कोर्ट के इस चौंकाने वाले फैसले ने सभी को हैरान कर दिया है।

वकील की दलील और फेडरल कोर्ट का बड़ा एक्शन

कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अहम आदेश जस्टिस जोसलिन गाग्ने ने सुनाया है। दरअसल, जसकीरत सिंह सिद्धू के वकील ने ऐन मौके पर कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी (CBSA) के डिपोर्टेशन वाले फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और अगले आदेश तक सिद्धू के डिपोर्टेशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। इस बड़े फैसले के बाद सिद्धू फिलहाल कनाडा में ही रहेंगे जब तक कि इस कानूनी लड़ाई का कोई अंतिम नतीजा नहीं निकल जाता।

क्या है दर्दनाक हंबोल्ट ब्रोंकोस बस हादसा?

यह पूरा मामला कनाडा के हंबोल्ट ब्रोंकोस में हुए उस खौफनाक रोड एक्सीडेंट से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। मूल रूप से पंजाब के संगरूर के रहने वाले जसकीरत सिंह सिद्धू एक ट्रक चला रहे थे, जिसकी एक बस के साथ भीषण टक्कर हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस भयानक लापरवाही के जुर्म में सिद्धू को 8 साल की कड़ी सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद नियम के तहत कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी ने उसे भारत डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया था, जिस पर अब फेडरल कोर्ट ने ब्रेक लगा दिया है।

Lifeline at the Eleventh Hour for Punjabi Driver Guilty in 16 Canadian Deaths: Court Overturns Decision