जालंधर: आम आदमी पार्टी के भीतर मची रार अब एक बड़े सियासी भूचाल में तब्दील हो गई है। राघव चड्ढा समेत 7 कद्दावर राज्यसभा सांसदों के अचानक पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने से ‘आप’ खेमे में हाहाकार मचा हुआ है। पंजाब में विधायकों की संभावित बगावत और किसी भी तरह की टूट को रोकने के लिए अब पार्टी के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने खुद डैमेज कंट्रोल का मोर्चा संभाल लिया है।
विधायकों का मन टटोलने के लिए जालंधर में लगा दरबार
पार्टी के भीतर मचे इस घमासान को शांत करने के लिए मनीष सिसोदिया ने कल (29 अप्रैल) को जालंधर में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है, जिसमें पंजाब के सभी विधायकों को तलब किया गया है। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा ब्लॉक ऑब्जर्वर्स और फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों को भी बुलाया गया है। हालांकि, इस बड़ी मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि 7 सांसदों के तगड़े झटके के बाद अब आलाकमान विधायकों का मन टटोलेगा ताकि पंजाब का किला बचाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जालंधर में हुई पिछली मीटिंग में सीएम भगवंत मान ने 5-5 हजार रुपये तक की रिश्वत लेने के मुद्दे पर विधायकों की जमकर क्लास लगाई थी।
राघव चड्ढा ने खोली पोल, कहा- काम करने की आजादी नहीं
पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने पहली बार सामने आकर ‘आप’ नेतृत्व की बखिया उधेड़ दी है। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि 15 साल तक अपना खून-पसीना देने के बाद भी ‘आप’ अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही। राघव ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि पार्टी के अंदर का माहौल अब पूरी तरह से ‘टॉक्सिक’ (जहरीला) हो चुका है, जहां न तो काम करने की आजादी बची है और न ही अपनी बात रखने की। उनके मुताबिक, 7 सांसदों का एक साथ पार्टी छोड़ना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर लिया गया सामूहिक फैसला है। राघव ने साफ कहा कि आम आदमी पार्टी अब सिर्फ चंद भ्रष्ट और समझौता (कॉम्प्रोमाइज) कर चुके लोगों की जागीर बनकर रह गई है।
संजय सिंह हुए आगबबूला, राज्यसभा महासचिव को लिखी चिट्ठी
सांसदों के छिटकने से तिलमिलाई ‘आप’ ने अब कागजी लड़ाई भी शुरू कर दी है। पार्टी के दिग्गज नेता और सांसद संजय सिंह ने इस पूरे मामले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कड़े शब्दों में पूछा है कि बिना इजाजत राज्यसभा के रिकॉर्ड से AAP सांसदों के नाम के आगे से पार्टी का नाम कैसे हटा दिया गया। संजय सिंह ने इस मामले की तुरंत जांच करने, लिखित जवाब देने और उन आदेशों की कॉपी सौंपने की मांग की है जिसके आधार पर यह बदलाव किया गया है।
राज्यसभा में औंधे मुंह गिरी ‘आप’, 113 पर पहुंची बीजेपी
आपको बता दें कि 27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन सातों सांसदों के बीजेपी में विलय को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी थी। इस बड़े उलटफेर के बाद उच्च सदन यानी राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या सिमटकर महज 3 रह गई है, जबकि बीजेपी का आंकड़ा छलांग लगाकर 113 हो गया है। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी अब राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता को आधिकारिक रूप से बीजेपी के सदस्यों के रूप में दिखाया जा रहा है।

Raghav Chadha’s bombshell triggers panic within the AAP! Fearing the loss of Punjab, Sisodia summons all MLAs.








