जालंधर: शहर के एपीजे कॉलेज के पास से खाकी को शर्मसार कर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपका भी खून खौल उठेगा। एक बेबस टैक्सी ड्राइवर अपनी गर्भवती पत्नी को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लेकर जा रहा था, लेकिन हिफाज़त का दावा करने वाली पुलिस ने ही उसकी जान आफत में डाल दी। नाके पर तैनात पुलिस मुलाजिमों ने इंसानियत को ताक पर रखते हुए सीट बेल्ट न लगाने का बहाना बनाया और उस तड़पती हुई महिला की गाड़ी को बीच सड़क पर ही रोक लिया। यह दिल दहला देने वाली घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे की है जब हर गुजरता पल उस अजन्मे बच्चे और मां के लिए भारी पड़ रहा था।
हाथ जोड़ता रहा पति, नहीं पसीजा वर्दी वालों का दिल
इमरजेंसी के इस नाजुक वक्त में पीड़ित पति अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए शहर के कई अस्पतालों के चक्कर काटते हुए इस नाके तक पहुंचा था। उसके पास एक या दो नहीं, बल्कि 15 से अधिक मेडिकल रिपोर्ट्स थीं जो चीख-चीख कर उसकी पत्नी की ‘क्रिटिकल कंडीशन’ की गवाही दे रही थीं। बेबस पति ने घंटों तक पुलिस वालों के सामने हाथ जोड़े, मिन्नतें कीं और मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर अपनी पत्नी को अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस वालों का दिल जरा भी नहीं पसीजा और वे चालान काटने की अपनी जिद पर अड़े रहे। पुलिस की इस संवेदनहीन देरी की वजह से मां और बच्चे दोनों की जान गंभीर खतरे में पड़ गई।
शराबी पुलिसवाले अपनी गाड़ी और चाबियां छोड़कर हुए फरार
इस खौफनाक कहानी में पुलिस की लापरवाही का एक और शर्मनाक पहलू भी सामने आया है। पीड़ित पति का साफ आरोप है कि नाके पर तैनात तीन में से दो मुलाजिमों ने शराब पी रखी थी और वे ठीक से बात करने की हालत में भी नहीं थे। जब उस बेबस शख्स को कोई और रास्ता नजर नहीं आया और उसने पुलिस वालों की इस करतूत का वीडियो बनाना शुरू किया, तो वर्दी वालों के होश उड़ गए। मामले को तूल पकड़ता देख और अपनी पोल खुलती नजर आने पर ये पुलिसकर्मी अपनी एक्टिवा और उसकी चाबियां मौके पर ही लावारिस छोड़कर वहां से रफूचक्कर हो गए। इस घटना ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

Khaki Shamed in Jalandhar: Police Block Way of Taxi Driver Transporting Pregnant Wife








