जालंधर: जालंधर में पिम्स (PIMS) अस्पताल के सामने बनी मार्केट में शनिवार शाम उस वक्त हंगामा हो गया जब वहां से गुजर रहे कुछ युवकों ने पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स को घेर लिया। युवकों का आरोप है कि पुलिसकर्मी अपने दो साथियों (जो बिना वर्दी के थे) के साथ मिलकर अवैध रूप से नाका लगाकर वाहन चालकों को परेशान कर रहा था। जब युवकों ने उससे सवाल-जवाब किए और मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो तथाकथित नाका पार्टी वहां से भाग खड़ी हुई। आरोप है कि वर्दीधारी पुलिसकर्मी असल में ट्रैफिक या थाने का मुलाजिम नहीं, बल्कि एक शिवसेना नेता का गनमैन है।
बर्थडे पार्टी से लौटते वक्त रोका, फिर शुरू हुआ ‘सेटिंग’ का खेल
अर्बन स्टेट के रहने वाले आकाशदीप सिंह ने बताया कि वह अपने दोस्त पवनदीप सिंह का जन्मदिन मनाने के लिए शाम करीब पांच बजे पिम्स अस्पताल के सामने स्थित ‘चाय चूरी’ रेस्टोरेंट गए थे। पार्टी खत्म होने के बाद चार दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर घर लौट रहे थे। तभी मोड़ पर खड़े एक पुलिसकर्मी और उसके दो साथियों ने उन्हें हाथ देकर रोक लिया। पुलिसकर्मी ने देखा कि उनकी एक बाइक के पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी है, जिसके बाद उसने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आकाशदीप का आरोप है कि चालान काटने के बजाय पुलिसकर्मी के साथ खड़े सादे कपड़ों वाले युवक मामले को वहीं रफा-दफा करने (पैसे ले-देकर निपटाने) की बात करने लगे।
थाना पूछा तो बदला बयान, वीडियो बनते ही खिसके
युवकों को शक तब हुआ जब उन्होंने वर्दीधारी से पूछा कि यहां किस थाने का नाका लगा है। आकाशदीप के मुताबिक, पुलिसकर्मी ने पहले खुद को थाना नंबर-7 में तैनात बताया, फिर थोड़ी देर में थाना नंबर-6 का नाम लिया और अंत में खुद को स्पेशल स्टाफ का कर्मचारी बताने लगा। बयानों में विरोधाभास देख आकाशदीप ने कहा कि ‘आप चालान कर दो, हम थाने चलकर बात करेंगे।’ इस पर जब वे लोग मौके पर ही सेटलमेंट का दबाव बनाने लगे तो आकाशदीप ने अपना मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कैमरा ऑन होते ही पुलिसकर्मी और उसके साथी बिना कोई कार्रवाई किए वहां से खिसक गए।
थाने में नहीं मिली तैनाती, कमिश्नर से होगी शिकायत
घटना के बाद आकाशदीप अपने दोस्तों के साथ पुष्टि करने के लिए थाना नंबर-7 पहुंचे और वीडियो दिखाया। वहां पता चला कि वीडियो में दिख रहा मुलाजिम उस थाने में तैनात ही नहीं है। इसके बाद जब वे दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे और आसपास पूछताछ की, तो स्थानीय लोगों से पता चला कि नाका लगाकर खड़ा व्यक्ति एक शिवसेना नेता का गनमैन था जो अपने निजी साथियों के साथ वहां अवैध वसूली के लिए खड़ा था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने अभी थाने में लिखित शिकायत नहीं दी है, लेकिन वे सोमवार सुबह विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर पुलिस कमिश्नर से मिलेंगे और वीडियो सबूत के साथ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

In this area of Jalandhar, the gunman of a Shiv Sena leader was stopping people at a fake checkpoint




